UGC NET Paper 1 Syllabus : सम्पूर्ण विश्लेषण

UGC NET Paper 1

क्या आप UGC NET/JRF परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करना चाहते हैं?
तो यह समझना ज़रूरी है कि Paper-I (General Paper on Teaching & Research Aptitude) ही वह वास्तविक “गेम-चेंजर” है, जो आपके कुल स्कोर और मेरिट रैंक को निर्णायक रूप से प्रभावित करता है।

Mohan Exam आपके लिए प्रस्तुत कर रहा है UGC NET Paper-1 के संपूर्ण पाठ्यक्रम का एक गहन एवं व्यवस्थित विश्लेषण, जो पूर्णतः आधिकारिक UGC–NTA सिलेबस पर आधारित है और परीक्षा की वास्तविक प्रवृत्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

इस प्रश्न पत्र का मुख्य उद्देश्य UGC NET Paper-I में परीक्षार्थी की शिक्षण एवं शोध अभिरुचि (Teaching & Research Aptitude) तथा संज्ञानात्मक क्षमताएँ जैसे समझ, विश्लेषण, मूल्यांकन, निगमनात्मक और आगमनात्मक तर्क (Deductive & Inductive Reasoning) का मूल्यांकन करना है। इसके अलावा परीक्षार्थी को उच्च शिक्षा प्रणाली, संप्रेषण, डेटा व्याख्या, ICT तथा पर्यावरण/लोगों से जुड़े सामान्य ज्ञान में भी दक्षता दिखानी होती है।


परीक्षा का पैटर्न और उद्देश्य (Exam Pattern & Objective)

उद्देश्य (Objective)

UGC NET Paper-I (General Paper on Teaching & Research Aptitude) का उद्देश्य केवल रटाए हुए ज्ञान का परीक्षण नहीं करना है, बल्कि परीक्षार्थी की संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive Ability) का मूल्यांकन करना है।
इसमें उम्मीदवार से बोध (Comprehension), विश्लेषण (Analysis), मूल्यांकन (Evaluation), तर्क क्षमता (Reasoning Skills) तथा तर्कों की संरचना को समझने जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन अपेक्षित होता है।
यह प्रश्न पत्र विशुद्ध तथ्यात्मक ज्ञान की बजाय सोचने-समझने, विश्लेषणात्मक एवं तार्किक क्षमता को मापने पर आधारित है।

परीक्षा पैटर्न

विवरणविवरण
कुल प्रश्न50
कुल अंक100
प्रति प्रश्न अंक2 अंक
प्रश्न प्रकारMCQ (Objective Type), सभी अनिवार्य
परीक्षा मोडCBT (Computer Based Test)
समय180 मिनट (Paper-I + Paper-II सम्मिलित)

UGC NET Paper-I में कुल 50 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होता है, इस प्रकार कुल अंक 100 होते हैं।
Paper-I का पाठ्यक्रम 10 यूनिट्स में विभाजित है। हालाँकि आधिकारिक दस्तावेज में प्रति यूनिट निश्चित प्रश्न संख्या निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण के अनुसार सामान्यतः प्रत्येक यूनिट से लगभग समान संख्या में प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे सम्पूर्ण पेपर संतुलित रहता है।


पाठ्यक्रम का विस्तृत विश्लेषण

UGC NET Paper 1 Syllabus


Unit 1: शिक्षण अभिवृत्ति (Teaching Aptitude)

1. शिक्षण : अवधारणाएँ, उद्देश्य एवं शिक्षण के स्तर
(क) शिक्षण की अवधारणा

शिक्षण एक योजनाबद्ध, उद्देश्यपूर्ण और द्विपक्षीय प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षक और शिक्षार्थी के बीच सक्रिय अंतःक्रिया के माध्यम से ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और मूल्यों का विकास किया जाता है।
यह केवल सूचना का संप्रेषण नहीं, बल्कि अधिगम को सुगम बनाने की प्रक्रिया है।

(ख) शिक्षण के उद्देश्य
  • ज्ञान एवं समझ का विकास
  • तार्किक एवं विश्लेषणात्मक चिंतन का विकास
  • सकारात्मक दृष्टिकोण एवं मूल्यों का निर्माण
  • व्यवहार में अपेक्षित परिवर्तन लाना
(ग) शिक्षण के स्तर

UGC NET के अनुसार शिक्षण के तीन प्रमुख स्तर हैं:

  1. स्मरण शक्ति स्तर (Memory Level)
    • तथ्यों, परिभाषाओं और सूचनाओं का स्मरण
    • निम्न स्तरीय बौद्धिक प्रक्रिया
    • वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में अधिक उपयोग
  2. समझ स्तर (Understanding Level)
    • अर्थ ग्रहण, व्याख्या और तुलना
    • कारण–परिणाम संबंध की समझ
    • संक्षिप्त उत्तर व व्याख्यात्मक प्रश्न
  3. विचारात्मक / चिंतनशील स्तर (Reflective Level)
    • विश्लेषण, मूल्यांकन एवं निर्णय क्षमता
    • समस्या-समाधान और रचनात्मक सोच
    • उच्च स्तरीय बौद्धिक प्रक्रिया
2. शिक्षण की विशेषताएँ एवं मूल अपेक्षाएँ
शिक्षण की प्रमुख विशेषताएँ
  • उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया
  • शिक्षार्थी-केन्द्रित
  • सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया
  • सतत एवं गतिशील
शिक्षण से मूल अपेक्षाएँ
  • अधिगम को सरल और प्रभावी बनाना
  • शिक्षार्थी में आत्मनिर्भरता विकसित करना
  • ज्ञान को व्यवहार से जोड़ना
3. शिक्षार्थी की विशेषताएँ : किशोर एवं वयस्क शिक्षार्थी

UGC NET Paper-I में किशोर और वयस्क शिक्षार्थियों की अपेक्षाओं पर विशेष बल दिया गया है।

(क) शैक्षिक विशेषताएँ
  • सीखने की गति में भिन्नता
  • पूर्वज्ञान और अनुभव का प्रभाव
(ख) सामाजिक एवं भावनात्मक विशेषताएँ
  • सामाजिक पहचान की खोज
  • भावनात्मक संतुलन की आवश्यकता
  • प्रेरणा एवं आत्मसम्मान का महत्व
(ग) संज्ञानात्मक विशेषताएँ
  • तार्किक सोच का विकास
  • समस्या-समाधान क्षमता
  • अमूर्त चिंतन की क्षमता
(घ) व्यक्तिगत भिन्नताएँ
  • रुचि, योग्यता और अभिक्षमता में अंतर
  • सीखने की शैली में विविधता
4. शिक्षण प्रभावक तत्त्व

शिक्षण की गुणवत्ता निम्न तत्त्वों से प्रभावित होती है:

  1. शिक्षक
    • विषय-ज्ञान
    • शिक्षण कौशल
    • व्यक्तित्व और दृष्टिकोण
  2. सहायक सामग्री
    • पाठ्यपुस्तकें
    • ऑडियो-विज़ुअल सामग्री
    • डिजिटल संसाधन
  3. संस्थागत सुविधाएँ
    • पुस्तकालय
    • प्रयोगशालाएँ
    • तकनीकी अवसंरचना
  4. शैक्षिक वातावरण
    • सकारात्मक सीखने का माहौल
    • अकादमिक स्वतंत्रता
5. उच्च अधिगम संस्थाओं में शिक्षण की पद्धतियाँ
(क) अध्यापक-केन्द्रित पद्धति
  • शिक्षक प्रमुख भूमिका में
  • व्याख्यान विधि पर आधारित
  • कम सहभागिता
(ख) शिक्षार्थी-केन्द्रित पद्धति
  • शिक्षार्थी सक्रिय भूमिका में
  • चर्चा, परियोजना और समस्या-आधारित अधिगम
  • उच्च स्तर का अधिगम
(ग) ऑफ़लाइन बनाम ऑन-लाइन पद्धतियाँ
  • SWAYAM (स्वयं)
  • SWAYAM PRABHA (स्वयंप्रभा)
  • MOOCs (मूक्स)

इनका उद्देश्य उच्च शिक्षा में समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण अधिगम सुनिश्चित करना है।

6. शिक्षण सहायक प्रणाली

शिक्षण को प्रभावी बनाने वाली प्रणालियाँ:

  1. परंपरागत
    • ब्लैकबोर्ड, चार्ट, मॉडल
  2. आधुनिक
    • ओवरहेड प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड
  3. ICT आधारित
    • कंप्यूटर
    • इंटरनेट
    • ई-लर्निंग टूल्स
7. मूल्यांकन प्रणालियाँ
(क) मूल्यांकन के तत्त्व एवं प्रकार
  • सतत एवं समापन मूल्यांकन
  • आंतरिक एवं बाह्य मूल्यांकन
(ख) उच्च शिक्षा में CBCS
  • विकल्प-आधारित क्रेडिट प्रणाली
  • लचीलापन एवं बहुविषयकता
(ग) कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
  • पारदर्शिता
  • त्वरित परिणाम
(घ) मूल्यांकन पद्धतियों में नवाचार
  • प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन
  • प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन

Unit 2: शोध अभिवृत्ति (Research Aptitude)

1. शोध: अर्थ, उद्देश्य और विशेषताएँ
(क) अर्थ (Meaning)

शोध (Research) एक व्यवस्थित, संगठित और विधिपूर्वक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा किसी समस्या या विषय पर सत्य, ज्ञान और समाधान खोजा जाता है।
यह सत्य की खोज, निष्कर्ष तक पहुँचने और नए ज्ञान का सृजन है।

(ख) उद्देश्य (Objectives)
  • ज्ञान और तथ्यों का विस्तार
  • सामाजिक और वैज्ञानिक समस्याओं का समाधान
  • निर्णय लेने और नीतिगत सुझाव देने की क्षमता विकसित करना
  • आलोचनात्मक और तार्किक सोच को बढ़ावा देना
(ग) विशेषताएँ (Characteristics)
  • उद्देश्यपूर्ण और योजनाबद्ध
  • व्यवस्थित और संगठित
  • सत्य, तथ्य और प्रमाण आधारित
  • नवोन्मेष और आलोचनात्मक
2. शोध के प्रकार (Types of Research)

UGC NET Paper-I में प्रमुख प्रकार इस प्रकार हैं:

  1. प्रयोगात्मक शोध (Experimental Research)
    • कारण-परिणाम संबंध की जाँच
    • नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाता है
  2. विवरणात्मक/वर्णनात्मक शोध (Descriptive Research)
    • किसी घटना, परिस्थिति या व्यवहार का विश्लेषण
    • आंकड़े, सर्वेक्षण और अवलोकन आधारित
  3. ऐतिहासिक शोध (Historical Research)
    • अतीत के घटनाक्रम और दस्तावेज़ों का विश्लेषण
    • ग्रंथ और अभिलेख पर आधारित
  4. गुणात्मक शोध (Qualitative Research)
    • अनुभव, दृष्टिकोण और समझ पर आधारित
    • गहन साक्षात्कार, फोकस ग्रुप आदि
  5. मात्रात्मक शोध (Quantitative Research)
    • संख्यात्मक डेटा और सांख्यिकीय विश्लेषण
    • सर्वेक्षण, परीक्षण और मॉडलिंग आधारित
3. शोध उपागम (Research Approaches)
(क) प्रत्यक्षवाद (Positivism)
  • वस्तुनिष्ठ तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित
  • वैज्ञानिक पद्धति और प्रयोग पर जोर
(ख) उत्तर-प्रत्यक्षवाद (Post-Positivism)
  • सीमित वस्तुनिष्ठता स्वीकारता है
  • अनुभव और व्याख्या के महत्व को मान्यता देता है
  • गुणात्मक और मिश्रित विधियों का उपयोग
4. शोध पद्धतियाँ (Research Methods)
पद्धतिउद्देश्य
प्रयोगात्मक (Experimental)नियंत्रित प्रयोग से कारण-परिणाम संबंध की जाँच
विवरणात्मक (Descriptive)व्यवहार/सत्य घटनाओं का विश्लेषण
ऐतिहासिक (Historical)अतीत की घटनाओं और दस्तावेज़ों का अध्ययन
गुणात्मक (Qualitative)अनुभव और दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण
मात्रात्मक (Quantitative)आंकड़ों और संख्यात्मक विश्लेषण के माध्यम से निष्कर्ष
5. शोध के चरण (Steps of Research)
  1. समस्या का चयन (Problem Identification)
  2. साहित्य समीक्षा (Review of Literature)
  3. सिद्धांत और प्रतिग्रह (Hypothesis & Variables)
  4. डेटा संग्रह (Data Collection)
  5. डेटा विश्लेषण (Data Analysis)
  6. निष्कर्ष और सिफारिशें (Conclusion & Recommendations)
  7. रिपोर्ट / शोध प्रबंध लेखन (Report/Thesis Writing)
6. शोध प्रबंध और आलेख लेखन
(क) फॉर्मेट और संरचना
  • प्रस्तावना (Introduction)
  • समस्या विवरण (Statement of Problem)
  • साहित्य समीक्षा (Review of Literature)
  • शोध पद्धति (Methodology)
  • परिणाम और विश्लेषण (Results & Analysis)
  • निष्कर्ष (Conclusion)
  • संदर्भ सूची (References / Bibliography)
(ख) संदर्भ शैली (Citation & Referencing)
  • APA, MLA, Chicago आदि शैली का पालन
  • लेखक, वर्ष, पृष्ठ संख्या और प्रकाशन का उल्लेख अनिवार्य
7. ICT का अनुप्रयोग (Use of ICT in Research)
  • डेटा संग्रह: Google Forms, Survey Tools
  • डेटा विश्लेषण: SPSS, R, Excel
  • साहित्य समीक्षा और संदर्भ प्रबंधन: Mendeley, Zotero
  • शोध प्रबंधन और प्रस्तुति: PowerPoint, LaTeX, MS Word
8. शोध नैतिकता (Research Ethics)
  • सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता
  • स्रोतों का उचित संदर्भ (Citation)
  • गोपनीयता (Confidentiality)
  • प्रतिलिपि / plagiarism से बचाव
  • मानव और जानवरों पर शोध में नैतिक अनुमति

Unit 3: बोध (Comprehension)

1. बोध का अर्थ (Meaning of Comprehension)

बोध (Comprehension) का आशय है किसी दिए गए पाठ, गद्यांश या विवरण को समझना, उसका विश्लेषण करना और उससे सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर देना।

UGC NET Paper-I में बोध से जुड़े प्रश्न आपकी पढ़ने, समझने और व्याख्या करने की क्षमता को मापते हैं।

2. परीक्षा में बोध का स्वरूप
  • परीक्षा में एक गद्यांश (Paragraph/Passage) दिया जाएगा।
  • इस गद्यांश के आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे।
  • प्रश्न निम्न प्रकार के हो सकते हैं:
    1. मुख्य विचार (Main Idea) – गद्यांश का सार।
    2. संदर्भ (Contextual Questions) – किसी विशेष वाक्य या विचार का अर्थ।
    3. निष्कर्ष/Inference – गद्यांश से निकाले जाने योग्य निष्कर्ष।
    4. शब्दार्थ (Vocabulary/Meaning) – दिए गए शब्दों का अर्थ।
    5. तर्क और व्याख्या (Critical Thinking) – लेखक के दृष्टिकोण या तर्क की समझ।
3. तैयारी के सुझाव (Preparation Tips)
  1. नियमित अभ्यास:
    • विभिन्न विषयों के गद्यांश पढ़ें और उनके सारांश तैयार करें।
  2. मुख्य बिंदु नोट करें:
    • हर गद्यांश में मुख्य विचार, supporting details और निष्कर्ष अलग से लिखें।
  3. शब्दावली मजबूत करें:
    • कठिन शब्दों का अर्थ और प्रयोग याद करें।
  4. पूर्व प्रश्न पत्र (PYQ) अभ्यास:
    • पिछले साल के प्रश्नपत्रों के बोध खंड का अभ्यास करें।
4. परीक्षा में ध्यान देने योग्य बातें
  • समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है; प्रत्येक गद्यांश और उसके प्रश्नों पर समान समय दें।
  • उत्तर देते समय सटीक और संक्षिप्त उत्तर लिखें।
  • गद्यांश में दिए संकेतों का सही उपयोग करें; निष्कर्ष व्यक्तिगत राय पर आधारित न हो।

Unit 4: संप्रेषण (Communication)

1. संप्रेषण (Communication) : परिचय

संप्रेषण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से विचार, जानकारी, भावनाएँ और संदेश एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या समूह तक पहुँचाए जाते हैं।
UGC NET Paper-I में इस यूनिट का उद्देश्य उम्मीदवार की विचार संप्रेषण, समझ और प्रभावी संवाद कौशल की क्षमता का मूल्यांकन करना है।

2. संप्रेषण का अर्थ, प्रकार और अभिलक्षण
(क) अर्थ
  • सूचना, विचार और भावनाओं का आदान-प्रदान
  • संदेश का स्पष्ट, सटीक और प्रभावी रूप से प्रेषण
(ख) प्रकार
  1. वाचिक संप्रेषण (Verbal Communication)
    • बोलकर संवाद करना
    • शब्दों, भाषा, उच्चारण और अभिव्यक्ति पर आधारित
  2. गैर-वाचिक संप्रेषण (Non-Verbal Communication)
    • शारीरिक भाषा, हाव-भाव, इशारे, चेहरे के भाव
    • आवाज़ का स्वर, गति और टोन
  3. अंतः-सांस्कृतिक संप्रेषण (Intercultural Communication)
    • विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच संवाद
    • सांस्कृतिक संवेदनशीलता और अनुकूलन
  4. सामूहिक / समूह संप्रेषण (Mass / Group Communication)
    • समूह या समाज तक संदेश पहुँचाना
    • प्रस्तुति, मीडिया, जनसंचार का उपयोग
3. प्रभावी संप्रेषण (Effective Communication)

प्रभावी संप्रेषण वह होता है जब संदेश सही अर्थ में, सही समय और सही माध्यम से प्राप्तकर्ता तक पहुँचता है।

मुख्य तत्व:

  • स्पष्टता (Clarity)
  • संक्षिप्तता (Conciseness)
  • उपयुक्त माध्यम (Appropriate Medium)
  • सक्रिय सुनना (Active Listening)
  • दृष्टांत और उदाहरण (Examples & Illustrations)

कक्षा संप्रेषण (Classroom Communication)

  • शिक्षार्थियों की भागीदारी बढ़ाना
  • प्रश्नोत्तर और चर्चा के माध्यम से सीखने को प्रोत्साहित करना
  • दृश्य और श्रव्य सामग्री का उपयोग
4. प्रभावी संप्रेषण की बाधाएँ (Barriers to Effective Communication)
  1. भाषाई बाधाएँ (Linguistic Barriers)
    • कठिन शब्द, अज्ञात शब्दावली, अनुवाद त्रुटियाँ
  2. सांस्कृतिक और सामाजिक बाधाएँ (Cultural / Social Barriers)
    • विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के मतभेद
  3. व्यक्तिगत बाधाएँ (Personal Barriers)
    • ध्यान की कमी, पूर्वाग्रह, मानसिक स्थिति
  4. संदेश एवं माध्यम संबंधी बाधाएँ (Message / Medium Barriers)
    • अस्पष्ट संदेश, गलत माध्यम या तकनीकी समस्याएँ
5. जन-मीडिया और समाज (Mass Media & Society)
  • जन-मीडिया (Mass Media) : रेडियो, टीवी, समाचार पत्र, सोशल मीडिया
  • भूमिका:
    • सूचना और समाचार का प्रसार
    • शिक्षा और जागरूकता
    • सामाजिक और राजनीतिक सहभागिता बढ़ाना
  • समस्या:
    • सटीक और विश्वसनीय सूचना का महत्व
    • मीडिया प्रभाव और पूर्वाग्रह

Unit 5: गणितीय तर्क और अभिवृत्ति (Mathematical Reasoning & Aptitude)

1. परिचय (Introduction)

गणितीय तर्क और अभिवृत्ति Unit-V का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवार की संकलन, विश्लेषण और तार्किक निर्णय लेने की क्षमता को मापना है।
इस यूनिट में तार्किक तर्क, संख्या और अक्षर श्रृंखला, कूट, संबंध और गणितीय समस्याएँ शामिल हैं।

2. तर्क के प्रकार (Types of Reasoning)

UGC NET Paper-I में प्रमुख रूप से निम्नलिखित तर्क शामिल हैं:

  1. निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning)
    • सामान्य नियम से विशेष निष्कर्ष निकालना
    • उदाहरण: सभी मनुष्य नश्वर हैं। सोक्रेटीस मनुष्य है। अतः सोक्रेटीस नश्वर है।
  2. आगमनात्मक तर्क (Inductive Reasoning)
    • विशेष उदाहरणों से सामान्य निष्कर्ष निकालना
    • उदाहरण: सूरज आज उगा, कल भी उगेगा, अतः सूरज हमेशा उगता है।
  3. समीकरण और समस्या-आधारित तर्क (Analytical / Problem Solving)
    • विभिन्न पैटर्न और संबंधों का विश्लेषण
    • Venn Diagram, Logical Puzzles, Series आदि
3. संख्या और अक्षर श्रृंखला (Number & Letter Series)
(क) संख्या श्रृंखला (Number Series)
  • बढ़ते या घटते पैटर्न की पहचान
  • अंकगणितीय (Arithmetic), ज्यामितीय (Geometric), मिश्रित पैटर्न
(ख) अक्षर श्रृंखला (Letter Series)
  • वर्णमाला का पैटर्न या क्रम
  • skip, reverse, alternate letters
(ग) कूट (Coding-Decoding)
  • शब्द या संख्या को किसी नियम के अनुसार कूटित करना
  • Example: A→1, B→2 आदि
(घ) संबंध (Analogy / Relationship)
  • दो वस्तुओं / शब्दों / अंकों के बीच सम्बन्ध का निर्धारण
4. गणितीय अभिवृत्ति (Mathematical Aptitude)

UGC NET में यह सेक्शन उम्मीदवार की गणितीय समझ और तर्क शक्ति का परीक्षण करता है।

प्रमुख टॉपिक्स:
  1. अंश और दशमलव (Fractions & Decimals)
  2. समय और दूरी (Time & Distance)
  3. अनुपात और समानुपात (Ratio & Proportion)
  4. प्रतिशतता (Percentage)
  5. लाभ और हानि (Profit & Loss)
  6. साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज (Simple & Compound Interest)
  7. औसत (Average)

टीप: परीक्षा में सवाल हल करने की गति, बुद्धिमत्ता और तर्क की क्षमता महत्वपूर्ण है।

5. तैयारी के सुझाव
  • नियमित रूप से संख्या और अक्षर श्रृंखला, कूट, और गणितीय समस्याएँ अभ्यास करें।
  • समय प्रबंधन पर ध्यान दें, क्योंकि CBT मोड में गति आवश्यक है।
  • पिछली परीक्षाओं के PYQs और मॉडल प्रश्नपत्र हल करें।

Unit 6: युक्तियुक्त तर्क (Logical Reasoning)

1. युक्ति के ढाँचे का बोध (Structure of Argument)

युक्ति (Argument) कथनों का वह समूह है जिसमें कुछ कथन आधार (Premises) होते हैं और उनसे एक निष्कर्ष (Conclusion) निकाला जाता है।

युक्ति के घटक
  • आधार (Premises) – जिन कथनों पर तर्क आधारित होता है
  • निष्कर्ष (Conclusion) – आधार से प्राप्त तार्किक परिणाम
2. युक्ति के रूप एवं निरुपाधिक तर्कवाक्य (Forms of Argument & Categorical Propositions)
निरुपाधिक तर्कवाक्य के प्रकार
  1. A – सार्वत्रिक सकारात्मक
    सभी A, B हैं
  2. E – सार्वत्रिक नकारात्मक
    कोई A, B नहीं है
  3. I – आंशिक सकारात्मक
    कुछ A, B हैं
  4. O – आंशिक नकारात्मक
    कुछ A, B नहीं हैं
अवस्था (Mood) और आकृति (Figure)
  • Mood → A, E, I, O का संयोजन
  • Figure → मध्य पद (Middle Term) की स्थिति
    इससे तर्क की वैधता (Validity) निर्धारित की जाती है।
3. औपचारिक एवं अनौपचारिक युक्ति दोष (Fallacies)
(A) औपचारिक युक्ति दोष (Formal Fallacies)
  • तर्क की संरचना में दोष
  • उदाहरण:
    • मध्य पद का अवितरण (Undistributed Middle)
    • निष्कर्ष का अवैध विस्तार
(B) अनौपचारिक युक्ति दोष (Informal Fallacies)
दोषअर्थ
Ad Hominemव्यक्ति पर आक्रमण
False Causeकारण–कार्य का गलत संबंध
Circular Reasoningनिष्कर्ष को ही आधार बनाना
Hasty Generalizationअपर्याप्त तथ्यों से निष्कर्ष
Appeal to Authorityअनुचित प्राधिकार का सहारा
4. भाषा का प्रयोग: लक्ष्यार्थ एवं वस्तुतार्थ
  • वस्तुतार्थ (Denotative Meaning)
    → शब्द का शाब्दिक अर्थ
  • लक्ष्यार्थ (Connotative Meaning)
    → निहित / भावात्मक अर्थ

NET में कई प्रश्न भाषाई भ्रम (ambiguity) पर आधारित होते हैं।

5. विरोध का परंपरागत वर्ग (Traditional Square of Opposition)

चार कथनों के बीच संबंध:

  • Contradictory (विरोधी)
  • Contrary (विरुद्ध)
  • Sub-contrary
  • Sub-alternation

यह भाग Categorical Logic में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

6. युक्ति के प्रकार (Types of Reasoning)
(i) निगमनात्मक युक्ति (Deductive Reasoning)
  • सामान्य से विशेष की ओर
  • यदि आधार सत्य हैं → निष्कर्ष अनिवार्य रूप से सत्य

उदाहरण:
सभी त्रिभुजों के तीन भुजाएँ होती हैं। → यह आकृति एक त्रिभुज है। → अतः इस आकृति की तीन भुजाएँ हैं।

(ii) आगमनात्मक युक्ति (Inductive Reasoning)
  • विशेष से सामान्य की ओर
  • निष्कर्ष संभाव्य (Probable) होता है

उदाहरण:
अब तक देखे गए सभी कौए काले हैं → सभी कौए काले हैं

7. अनुरूपताएँ (Analogies)

अनुरूपता दो वस्तुओं/शब्दों/संख्याओं के बीच समान संबंध पर आधारित होती है।

प्रकार:

  • शब्द आधारित
  • संख्या आधारित
  • संबंध आधारित
8. वेण आरेख (Venn Diagram)

उपयोग:

  • तर्क की वैधता सुनिश्चित करने के लिए
  • निरुपाधिक तर्कवाक्यों को चित्रात्मक रूप में दिखाने हेतु

प्रकार:

  • सरल वेण आरेख
  • बहु-समुच्चय (Multiple set) वेण आरेख
9. भारतीय तर्कशास्त्र: ज्ञान के साधन

भारतीय दर्शन में ज्ञान प्राप्ति के साधन को प्रमाण कहा जाता है।

प्रमाण के प्रकार
  1. प्रत्यक्ष – इंद्रिय ज्ञान
  2. अनुमान – तर्क द्वारा ज्ञान
  3. उपमान – तुलना द्वारा
  4. शब्द – आप्त वचन
  5. अर्थापत्ति – आवश्यक कल्पना
  6. अनुपलब्धि – अभाव का ज्ञान
10. अनुमान (Inference)
अनुमान की संरचना (पंचावयव)
  1. प्रतिज्ञा
  2. हेतु
  3. उदाहरण
  4. उपनय
  5. निगमन
व्याप्ति (Vyapti)
  • हेतु और साध्य के बीच अविच्छिन्न संबंध
हेत्वाभास (Fallacies of Hetu)
हेत्वाभासअर्थ
असिद्धहेतु सिद्ध नहीं
सव्यभिचारअनियमित हेतु
विरुद्धसाध्य के विपरीत
सत्प्रतिपक्षसमान बल का विरोध
बाधितप्रत्यक्ष से खंडित

Unit 7: आंकड़ों की व्याख्या (Data Interpretation)

1. परिचय
अर्थ

आँकड़ों की व्याख्या का अर्थ है —
कच्चे आँकड़ों (Raw Data) को सार्थक सूचना (Meaningful Information) में बदलना, ताकि सही निर्णय लिए जा सकें।

सरल शब्दों में:

“Data is meaningless unless it is interpreted.”
(आँकड़ों का तब तक कोई अर्थ नहीं होता, जब तक उनकी व्याख्या न की जाए।)
आँकड़े स्वयं में निरर्थक होते हैं; व्याख्या उन्हें अर्थपूर्ण बनाती है।

UGC-NET में महत्त्व
  • Reasoning & Aptitude सेक्शन का core भाग
  • Numerical + Analytical thinking का परीक्षण
  • Research aptitude, policy analysis और governance से जुड़ा
2. आँकड़ों के स्रोत, प्राप्ति और वर्गीकरण
(A) आँकड़ों के स्रोत (Sources of Data)

1. प्राथमिक आँकड़े (Primary Data)

वे आँकड़े जो स्वयं शोधकर्ता द्वारा पहली बार एकत्र किए जाते हैं।

उदाहरण:

  • सर्वे (Survey)
  • साक्षात्कार (Interview)
  • प्रश्नावली (Questionnaire)
  • अवलोकन (Observation)

विशेषताएँ:

  • अधिक विश्वसनीय
  • समय व खर्च अधिक
  • उद्देश्य-विशिष्ट

2. द्वितीयक आँकड़े (Secondary Data)

वे आँकड़े जो पहले से उपलब्ध होते हैं।

उदाहरण:

  • Census of India
  • NSSO, NFHS
  • Reports (UNDP, World Bank)
  • NCERT, Journals

विशेषताएँ:

  • सस्ते और शीघ्र
  • उद्देश्य से पूर्णतः मेल जरूरी नहीं

(B) आँकड़ों की प्राप्ति (Collection of Data)

विधिउपयोग
सर्वेसामाजिक विज्ञान
प्रयोगप्राकृतिक विज्ञान
जनगणनासरकारी नीति
प्रशासनिक रिकॉर्डशासन

(C) आँकड़ों का वर्गीकरण (Classification of Data)

  1. कालानुक्रमिक (Chronological) – समय के आधार पर
  2. भौगोलिक (Geographical) – स्थान के आधार पर
  3. गुणात्मक (Qualitative) – गुण/विशेषता
  4. मात्रात्मक (Quantitative) – संख्या
3. गुणात्मक एवं मात्रात्मक आँकड़े
(A) गुणात्मक आँकड़े (Qualitative Data)

अर्थ:
जो आँकड़े गुण, प्रकार या श्रेणी दर्शाते हैं।

उदाहरण:

  • लिंग
  • धर्म
  • भाषा
  • रोजगार का प्रकार

विशेषताएँ:

  • संख्यात्मक रूप में नहीं
  • वर्गीकरण आवश्यक
  • Pie chart / Bar diagram में उपयोगी
(B) मात्रात्मक आँकड़े (Quantitative Data)

अर्थ:
जो आँकड़े संख्या या माप में व्यक्त हों।

उदाहरण:

  • आय
  • जनसंख्या
  • प्रतिशत
  • अंक

प्रकार:

  1. विच्छिन्न (Discrete) – पूर्ण संख्या
  2. सतत (Continuous) – दशमलव सहित
4. चित्रवत वर्णन (Diagrammatic & Graphical Representation)
उद्देश्य
  • जटिल आँकड़ों को सरल बनाना
  • तुलनात्मक अध्ययन
  • त्वरित निष्कर्ष
(A) बार-चार्ट (Bar Chart)

उपयोग:

  • विभिन्न वर्गों की तुलना

प्रकार:

  • Simple bar
  • Multiple bar
  • Stacked bar

UGC-NET टिप:
सबसे अधिक पूछे जाने वाला चार्ट

(B) हिस्टोग्राम (Histogram)

उपयोग:

  • Continuous data
  • Frequency distribution

Difference (Bar chart vs Histogram):

Bar ChartHistogram
CategoriesClass intervals
Gap होता हैGap नहीं
(C) पाई-चार्ट (Pie Chart)

उपयोग:

  • प्रतिशत वितरण
  • Whole = 360°
(D) टेबल चार्ट (Tabular Presentation)

उपयोग:

  • विस्तृत आँकड़े
  • Official reports

लाभ:

  • Precision
  • Reference friendly
(E) रेखा-चार्ट (Line Chart)

उपयोग:

  • Trend analysis
  • Time series data

उदाहरण:

  • GDP growth
  • Population growth
5. आँकड़ों का मान-चित्रण (Value Representation)
अर्थ

आँकड़ों में औसत, प्रवृत्ति और विचलन को दर्शाना।

प्रमुख माप (Measures)

(A) केन्द्रीय प्रवृत्ति (Central Tendency)

  • Mean (औसत)
  • Median (मध्यिका)
  • Mode (बहुलक)

(B) विचलन (Dispersion)

  • Range
  • Mean deviation
  • Standard deviation

UGC-NET में अक्सर conceptual MCQs पूछे जाते हैं।

6. आँकड़ों की व्याख्या (Interpretation of Data)
अर्थ

ग्राफ/तालिका से निष्कर्ष निकालना

मुख्य चरण
  1. Trend पहचानना
  2. Comparison
  3. Percentage change
  4. Logical conclusion
सामान्य प्रश्न प्रकार
  • Highest / Lowest
  • Growth rate
  • Ratio
  • Inference based question
7. आँकड़े और सुशासन (Data and Good Governance)
सुशासन का अर्थ

Good governance means evidence-based decision making.
(सुशासन का आधार प्रमाण-आधारित निर्णय है।)

आँकड़ों की भूमिका
  1. नीति निर्माण – Census, NFHS
  2. पारदर्शिता – Open Data Portal
  3. उत्तरदायित्व – Performance indicators
  4. डिजिटल गवर्नेंस – Data-driven administration

उदाहरण

  • SDG Index
  • Aspirational District Programme
  • DBT schemes

Unit 8: सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT)

1. परिचय
ICT का अर्थ

ICT (Information and Communication Technology) का तात्पर्य उन सभी तकनीकों से है, जो
सूचना के संग्रहण, प्रसंस्करण, संचार और प्रसार में सहायक होती हैं।

“ICT integrates information processing and communication technologies.”
(ICT सूचना प्रौद्योगिकी और संचार तकनीक का एकीकृत रूप है।)

UGC-NET में महत्व

  • Teaching–Learning Process
  • Research & Higher Education
  • E-Governance
  • Digital India initiatives
2. ICT : सामान्य संक्षिप्तियाँ और शब्दावली
(A) प्रमुख संक्षिप्तियाँ (Important Abbreviations)
संक्षिप्तिपूर्ण रूप
ICTInformation and Communication Technology
ITInformation Technology
LANLocal Area Network
WANWide Area Network
WWWWorld Wide Web
URLUniform Resource Locator
HTTPHyper Text Transfer Protocol
HTTPSSecure HTTP
ISPInternet Service Provider
IPInternet Protocol
FTPFile Transfer Protocol
VoIPVoice over Internet Protocol
LMSLearning Management System
MOOCMassive Open Online Course

UGC-NET Tip: Abbreviations से सीधे MCQs आते हैं।

(B) प्रमुख शब्दावली (Key Terminology)
  • Hardware – भौतिक उपकरण (Computer, Printer)
  • Software – प्रोग्राम/एप्लिकेशन
  • Browser – Internet access tool (Chrome, Firefox)
  • Search Engine – सूचना खोज (Google, Bing)
  • Cloud Computing – Internet आधारित storage & processing
3. इंटरनेट, इन्ट्रानेट, ई-मेल, श्रव्य-दृश्य कॉन्फ्रेंसिंग
(A) इंटरनेट (Internet)

अर्थ:
विश्व-भर के कंप्यूटर नेटवर्कों का वैश्विक नेटवर्क।

विशेषताएँ:

  • सार्वजनिक नेटवर्क
  • सूचना का विशाल स्रोत
  • WWW पर आधारित

उपयोग:

  • E-learning
  • Research
  • E-commerce
  • Social media
(B) इन्ट्रानेट (Intranet)

अर्थ:
किसी संस्था/संगठन का निजी नेटवर्क

इंटरनेटइन्ट्रानेट
PublicPrivate
Open accessRestricted access
GlobalOrganization-specific
(C) ई-मेल (E-Mail)

अर्थ:
Electronic Mail – डिजिटल संदेश प्रणाली।

घटक:

  • To
  • CC / BCC
  • Subject
  • Attachment

लाभ:

  • तेज
  • कम खर्च
  • आधिकारिक संचार
(D) श्रव्य-दृश्य कॉन्फ्रेंसिंग (Audio-Visual Conferencing)

अर्थ:
ध्वनि + दृश्य माध्यम से real-time संवाद।

उदाहरण:

  • Zoom
  • Google Meet
  • Webex
  • MS Teams

उपयोग:

  • Online classes
  • Webinars
  • Faculty meetings
4. उच्च शिक्षा में डिजिटल पहलें (Digital Initiatives in Higher Education)
(A) भारत सरकार की प्रमुख पहलें

1. SWAYAM

  • Online courses (MOOCs)
  • UG–PG–Skill courses
  • UGC, AICTE approved

2. SWAYAM PRABHA

  • 24×7 Educational DTH channels
  • Disadvantaged learners के लिए उपयोगी

3. National Digital Library (NDL)

  • One-stop digital repository
  • लाखों books, articles

4. e-PG Pathshala

  • PG level e-content
  • Subject-wise modules

5. DIKSHA

  • Teachers & students platform
  • Digital learning resources
(B) ICT का शैक्षिक महत्व
  • Anytime–Anywhere learning
  • Blended learning
  • Virtual classrooms
  • Research collaboration
5. ICT और सुशासन (ICT and Good Governance)
सुशासन का अर्थ

Good governance ensures transparency, accountability and efficiency.
(सुशासन पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और दक्षता सुनिश्चित करता है।)

ICT की भूमिका
  1. E-Governance – Online services
  2. Transparency – Digital records
  3. Citizen participation – Online portals
  4. Efficiency – Fast service delivery

प्रमुख उदाहरण

  • Digital India Mission
  • UMANG App
  • DigiLocker
  • Direct Benefit Transfer (DBT)
  • Online grievance portals

Unit 9: लोग, विकास और पर्यावरण (People, Development & Environment)

1. विकास और पर्यावरण
(A) विकास और पर्यावरण का सम्बन्ध
  • विकास = आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति
  • पर्यावरण = प्राकृतिक संसाधन और पारिस्थितिकी तंत्र
  • सतत विकास (Sustainable Development) = विकास जो भविष्य की पीढ़ियों के संसाधनों को न नुकसान पहुंचाए
(B) मिलेनियम विकास लक्ष्य (MDGs) और सतत विकास लक्ष्य (SDGs)
लक्ष्यविवरण
MDGs (2000–2015)गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, लिंग समानता, स्वास्थ्य, पर्यावरण
SDGs (2015–2030)सतत विकास, जल और स्वच्छता, जलवायु कार्रवाई, ऊर्जा, जीवन और शांति
2. मानव और पर्यावरण संव्यवहार
(A) नृजातीय क्रियाकलाप और पर्यावरण
  • कृषि, पशुपालन, शिकार, मत्स्य पालन
  • प्रभाव: मृदा कटाव, जैव विविधता ह्रास, जल संसाधनों का कमी
(B) पर्यावरणीय मुद्दे
स्तरप्रमुख समस्याएँ
स्थानीयजल और ध्वनि प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन
क्षेत्रीयऔद्योगिक प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
वैश्विकग्लोबल वार्मिंग, ओज़ोन परत क्षरण, समुद्र स्तर वृद्धि

प्रकार के प्रदूषण

  • वायु – PM2.5, CO₂, SO₂
  • जल – रासायनिक अपशिष्ट, प्लास्टिक
  • मृदा – रासायनिक उर्वरक, औद्योगिक अपशिष्ट
  • ध्वनि – यातायात, उद्योग
  • अपशिष्ट – ठोस, तरल, बायो-मेडिकल, ई-अपशिष्ट
3. मानव स्वास्थ्य पर प्रदूषकों का प्रभाव
  • वायु प्रदूषण → श्वसन रोग, हृदय रोग
  • जल प्रदूषण → हैजा, कॉलरा
  • ध्वनि प्रदूषण → तनाव, श्रवण क्षमता ह्रास
  • रासायनिक अपशिष्ट → कैंसर, तंत्रिका क्षति
4. प्राकृतिक और ऊर्जा स्रोत
स्रोतविवरण
सौर ऊर्जासूर्य से विद्युत उत्पादन
पवन ऊर्जापवन टरबाइन
जल ऊर्जानदियों और बाँधों से
भू-तापीय ऊर्जापृथ्वी की गर्मी से
बायोमासकृषि अपशिष्ट, वन उत्पाद
नाभिकीयपरमाणु ऊर्जा
वनCO₂ शोषण, जैव विविधता
5. प्राकृतिक जोखिम और आपदाएँ
(A) प्राकृतिक आपदाएँ
  • भूकंप, तूफान, बाढ़, सूखा, ज्वालामुखी
(B) न्यूनीकरण की युक्तियाँ
  • Early warning systems
  • Disaster preparedness & mitigation plans
  • Community awareness & education
  • Sustainable land use planning
6. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून और पहल
(A) राष्ट्रीय
  • पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  • जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना
    • Solar Mission, Wind Mission, Energy Efficiency Mission
(B) अंतर्राष्ट्रीय समझौते
समझौताउद्देश्य
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉलओज़ोन परत संरक्षण
रियो सम्मेलन (1992)सतत विकास, जैव विविधता
जैव विविधता सम्मेलनजैविक संसाधनों का संरक्षण
क्योटो प्रोटोकॉलग्रीनहाउस गैस कम करना
पेरिस समझौताग्लोबल वार्मिंग ≤ 2°C
अंतरराष्ट्रीय सौर संधिसौर ऊर्जा सहयोग
7. सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आयाम
  • पर्यावरणीय बदलाव → प्रवास, असमानता, स्वास्थ्य संकट
  • नीति निर्माण में विज्ञान और समाज का संयोजन
  • ऊर्जा नीति, प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन

Unit 10: उच्च शिक्षा प्रणाली (Higher Education System)

1. उच्च अधिगम संस्थाएं और प्राचीन भारत में शिक्षा
(A) प्राचीन भारत में शिक्षा
  • गुरुकुल प्रणाली: गुरु–शिष्य परंपरा
  • विशेषताएँ: नैतिक, धार्मिक, ज्ञानात्मक शिक्षा, कम संसाधन
  • महत्त्वपूर्ण केंद्र: नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला
  • सिखाई जाने वाली विधाएँ: धर्मशास्त्र, साहित्य, तर्कशास्त्र, गणित, आयुर्वेद
  • (B) उच्च अधिगम संस्थाओं का स्वरूप
  • मौखिक परंपरा, व्यक्तिगत शिक्षण
  • छात्र–गुरु संबंध आधारित मूल्य शिक्षा
  • शिक्षा का उद्देश्य सामाजिक जिम्मेदारी और ज्ञानार्जन
2. स्वतंत्रता के बाद भारत में उच्च अधिगम और शोध का उद्भव
(A) प्रमुख घटनाएँ
  • University Education Commission (1948–49) – Radhakrishnan Commission
  • UGC की स्थापना (1956) – गुणवत्ता और समन्वय
  • ICSSR, CSIR, DRDO आदि – शोध के लिए फंड और संस्थाएँ
  • उच्च शिक्षा में massification, democratization और modernization
(B) प्रमुख मुद्दे
  • गुणवत्ता बनाम विस्तार
  • अनुसंधान और नवाचार की कमी
  • डिजिटल शिक्षा और ICT का अभाव (initially)
3. भारत में प्राच्य, पारंपरिक और गैर-पारंपरिक अधिगम कार्यक्रम
प्रकारविवरण
प्राच्यगुरुकुल, संस्कृत पाठशाला, विद्या मंदिर
पारंपरिकविश्वविद्यालय, कॉलेज, डिग्री प्रोग्राम
गैर-पारंपरिकDistance Education, Open University, MOOCs, Skill-based programs
4. व्यावसायिक / तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा
  • उद्देश्य: रोजगारोन्मुखी शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण
  • संस्थान: IITs, IIMs, polytechnic, vocational colleges
  • नीतियाँ: National Skill Development Mission, PMKVY
  • महत्त्व: रोजगार सृजन, आधुनिक उद्योग आवश्यकताएँ
  • 5. मूल्य शिक्षा और पर्यावरणपरक शिक्षा
  • मूल्य शिक्षा: नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी, सहिष्णुता
  • पर्यावरणपरक शिक्षा: सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, SDGs की जागरूकता
  • उपकरण: curriculum integration, workshops, eco-clubs
6. नीतियाँ, सुशासन, राजनीति और प्रशासन
  • राष्ट्रीय नीतियाँ: NEP 2020, National Education Policy
  • सुशासन: UGC, AICTE, NAAC, NBA द्वारा quality control
  • राजनीति एवं प्रशासन: शिक्षा में नीति-निर्माण, वित्तीय आवंटन, सार्वजनिक/निजी संस्थाओं का नियमन
  • महत्त्व: पारदर्शिता, जवाबदेही, गुणवत्ता सुनिश्चित करना

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