सामाजिक क्रान्ति के सिद्धांत की आलोचना और Marxist दृष्टिकोण – Karl Marx का विश्लेषण

सामाजिक क्रान्ति

सामाजिक क्रान्ति के सिद्धांत की आलोचना और समालोचना (Critique and Evaluation of the Theory of Social Revolution) 1. प्रारम्भिक अस्थिरताएँ (Initial Ambiguities) Karl Marx और Friedrich Engels ने अपने प्रारंभिक कार्य The German Ideology (1846) में समाज की उत्पादन पद्धतियों (Modes of Production) और सामाजिक संरचना (Social Structure) का अध्ययन किया। उस समय क्रान्ति की … Read more

धर्म, अधिसंरचना और पूंजीवाद की आलोचना – Karl Marx का दृष्टिकोण

धर्म, अधिसंरचना और पूंजीवाद की आलोचना

धर्म, अधिसंरचना और पूंजीवाद की आलोचना (Religion, Superstructure and Critique of Capitalism – Marx’s Perspective) 1. प्रस्तावना (Introduction) Karl Marx (1818–1883) आधुनिक समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और राजनीतिक दर्शन के सर्वाधिक प्रभावशाली विचारकों में से एक थे।उनके विचारों ने आधुनिक सामाजिक विज्ञान को एक वैज्ञानिक आधार प्रदान किया, जिसे हम आज ऐतिहासिक भौतिकवाद (Historical Materialism) के नाम … Read more