अगस्ट कॉम्ट के प्रत्यक्षवाद की सीमाएँ और आलोचनाएँ — MCQs

कॉम्ट के प्रत्यक्षवाद की सीमाएँ और आलोचनाएँ 1. कॉम्ट के प्रत्यक्षवाद के बारे में विचार करें: ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?(a) केवल 1 और 2(b) केवल 2 और 3(c) केवल 1 और 3(d) 1, 2 और 3 सभी उत्तर: (d) 1, 2 और 3 सभी 2. निम्न में से कौन-सी दार्शनिक (philosophical) … Read more

समाजशास्त्र: अगस्ट कॉम्ट का प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान MCQs

1. ऑगस्ट कॉम्ट ने समाजशास्त्र को एक प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान के रूप में क्यों स्थापित किया? A. क्योंकि उनका मानना था कि समाज केवल धार्मिक दृष्टिकोण से समझा जा सकता है।B. क्योंकि वे सामाजिक प्रघटनाओं को प्राकृतिक नियमों के अनुरूप समझना चाहते थे।C. क्योंकि वे समाज को दार्शनिक व्याख्या के आधार पर समझाना चाहते थे।D. … Read more

अगस्ट कॉम्ट के “मानव विकास की तीन अवस्थाओं के नियम” पर आधारित MCQs

मानव विकास की तीन अवस्थाओं के नियम 1. अगस्ट कॉम्ट ने “मानव विकास की तीन अवस्थाओं का नियम” किस पुस्तक में प्रतिपादित किया था? A. The Positive PhilosophyB. The Spirit of the LawsC. Social StaticsD. The Law of Progress उत्तर: A. The Positive Philosophy 2. कॉम्ट के अनुसार, मानव मस्तिष्क का विकास किन अवस्थाओं से … Read more

अगस्ट कॉम्ट: प्रत्यक्षवाद (Positivism) और समाजशास्त्र के जनक | Auguste Comte

The founder of Positivism and the Father of Sociology

अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857): प्रत्यक्षवाद के प्रवर्तक और समाजशास्त्र के जनक 19वीं शताब्दी का यूरोप बौद्धिक रूप से गहरे परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था। तर्क और विज्ञान के उदय ने धार्मिक विश्वासों और आध्यात्मिक व्याख्याओं को चुनौती दी। इसी वैज्ञानिक चेतना के युग में फ्रांसीसी दार्शनिक अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte) ने मानव … Read more