ऑगस्त कॉम्ट का समाजशास्त्रीय योगदान

Sociological Contribution

ऑगस्त कॉम्ट का समाजशास्त्रीय योगदान आधुनिक समाजशास्त्र की वैज्ञानिक नींव रखने वाले अग्रदूत ऑगस्त कॉम्ट (Auguste Comte) का योगदान सामाजिक विचार के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्यक्षवाद (Positivism), Law of Three Stages, और समाज को वैज्ञानिक पद्धति से समझने का उनका आग्रह—इन सभी ने समाजशास्त्र को दार्शनिक अटकलों से निकालकर एक अनुभवजन्य … Read more

समाजशास्त्र : अगस्ट कॉम्ट और प्रत्यक्षवादी दृष्टिकोण

Sociology: A Positivist Social Science

समाजशास्त्र : एक प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) को “समाजशास्त्र का जनक” (Father of Sociology) कहा जाता है क्योंकि उन्होंने समाज के अध्ययन को धार्मिक और तात्त्विक आधार से हटाकर वैज्ञानिक आधार (Scientific Basis) पर स्थापित किया। उन्होंने प्रतिपादित किया कि समाज भी प्रकृति की तरह नियमबद्ध (Law-Governed) है और इसका अध्ययन … Read more

समाजशास्त्रः एक नये समाज विज्ञान का जन्म — अगस्ट कॉम्ट

Sociology: The Birth of a New Social Science

समाजशास्त्र : एक नये समाज विज्ञान का जन्म अगस्ट कॉम्ट के दृष्टिकोण से गहन विश्लेषण 19वीं शताब्दी का यूरोप तीव्र सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों का केंद्र था।औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन-प्रणालियों को बदल दिया, नगरीकरण ने जीवन-शैली में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए, और फ्रांसीसी क्रांति (1789) ने पारंपरिक सत्ता-संरचनाओं को चुनौती दी।इसके परिणामस्वरूप सामाजिक जीवन में … Read more

Auguste Comte का “विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences)” — एक विस्तृत विश्लेषण

Hierarchy of the Sciences

विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences) आधुनिक समाजशास्त्र की नींव रखने वाले फ्रांसीसी दार्शनिक ऑगस्ट कॉम्ट (1798–1857) ने विज्ञान को एक सर्वांगीण, क्रमबद्ध और सत्यापित (positivist) ज्ञान प्रणाली के रूप में स्थापित करने का बड़ा प्रयास किया। उनके अनुसार, मानव ज्ञान और मानव समाज नियत नियमों, पूर्वानुमेयता (predictability) और वैज्ञानिक विधि के अनुसार विकसित … Read more

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ: समाजशास्त्र का वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Auguste Comte Methods of Study in Sociology) अगस्ट कॉम्ट (1798–1857), जिन्हें समाजशास्त्र का जनक माना जाता है, का मुख्य उद्देश्य समाजशास्त्र को एक प्रत्यक्षवादी (Positive) विज्ञान के रूप में स्थापित करना था। उनका मानना था कि समाज में होने वाली घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन करके उनके … Read more