भारत के नए चार श्रम संहितियाँ | Four Labour Codes 2025

Four Labour Codes

भारत के नए चार श्रम संहितियाँ भारत की श्रम व्यवस्था लंबे समय तक उन कानूनों पर आधारित रही जो मुख्यतः 1930 से 1950 के बीच बनाए गए थे—ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान थी, संगठित क्षेत्र (Organised Sector) सीमित था और न तो डिजिटल अर्थव्यवस्था मौजूद थी, न ही गिग और प्लेटफ़ॉर्म कार्य का … Read more

समाजशास्त्रः एक नये समाज विज्ञान का जन्म — अगस्ट कॉम्ट

Sociology: The Birth of a New Social Science

समाजशास्त्र : एक नये समाज विज्ञान का जन्म अगस्ट कॉम्ट के दृष्टिकोण से गहन विश्लेषण 19वीं शताब्दी का यूरोप तीव्र सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों का केंद्र था।औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन-प्रणालियों को बदल दिया, नगरीकरण ने जीवन-शैली में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए, और फ्रांसीसी क्रांति (1789) ने पारंपरिक सत्ता-संरचनाओं को चुनौती दी।इसके परिणामस्वरूप सामाजिक जीवन में … Read more

Auguste Comte का “विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences)” — एक विस्तृत विश्लेषण

Hierarchy of the Sciences

विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences) आधुनिक समाजशास्त्र की नींव रखने वाले फ्रांसीसी दार्शनिक ऑगस्ट कॉम्ट (1798–1857) ने विज्ञान को एक सर्वांगीण, क्रमबद्ध और सत्यापित (positivist) ज्ञान प्रणाली के रूप में स्थापित करने का बड़ा प्रयास किया। उनके अनुसार, मानव ज्ञान और मानव समाज नियत नियमों, पूर्वानुमेयता (predictability) और वैज्ञानिक विधि के अनुसार विकसित … Read more

अगस्ट कॉम्ट के विज्ञानों का सोपान – महत्वपूर्ण MCQs व विस्तृत व्याख्या

विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences) 1. अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों का सोपान किस पुस्तक में प्रस्तुत किया था? (a) Positive Politics(b) Positive Philosophy(c) Course of Political Theory(d) Principles of Sociology उत्तर: (b) Positive Philosophy 2. कॉम्ट ने विज्ञानों के सोपान में विज्ञानों के क्रम को किस आधार पर निर्धारित किया? (a) उनके ऐतिहासिक … Read more

अगस्ट कॉम्ट के “मानव विकास की तीन अवस्थाओं के नियम” पर आधारित MCQs

मानव विकास की तीन अवस्थाओं के नियम 1. अगस्ट कॉम्ट ने “मानव विकास की तीन अवस्थाओं का नियम” किस पुस्तक में प्रतिपादित किया था? A. The Positive PhilosophyB. The Spirit of the LawsC. Social StaticsD. The Law of Progress उत्तर: A. The Positive Philosophy 2. कॉम्ट के अनुसार, मानव मस्तिष्क का विकास किन अवस्थाओं से … Read more

मानव विकास की तीन अवस्थाओं का नियम: अगस्ट कॉम्ट का समाजशास्त्रीय सिद्धांत

Law of Three Stages of Human Progress

मानव विकास की तीन अवस्थाओं का नियम — अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte’s Law of Three Stages of Human Progress) अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte) को आधुनिक समाजशास्त्र का “Founder of Sociology” और “Father of Positivism” माना जाता है। उन्होंने पहली बार समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र, संगठित और वैज्ञानिक अनुशासन के रूप में स्थापित किया। उनके सभी … Read more

ऑगस्ट कॉम्ट के समाजशास्त्रीय सिद्धांत – MCQs विस्तृत व्याख्या के साथ

ऑगस्ट कॉम्ट के समाजशास्त्रीय सिद्धांत 1. अगस्ट कॉम्ट को ‘समाजशास्त्र का जनक’ (Father of Sociology) इसलिए माना जाता है, क्योंकि— (A) उन्होंने समाज का अध्ययन केवल ऐतिहासिक दृष्टिकोण से किया(B) उन्होंने समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र वैज्ञानिक अनुशासन के रूप में स्थापित किया और ‘Sociology’ शब्द का प्रयोग किया(C) उन्होंने राजनीतिक और नैतिक दर्शन को नया … Read more

सामन्तवाद और एशियाई उत्पादन पद्धति (AMP) – MCQs और विस्तृत व्याख्या

सामन्तवाद और उत्पादन पद्धति पर आधारित MCQs | प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत व्याख्या 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: कथन-1: दास-स्वामित्व अवस्था में समाज का एक भाग अभिजात वर्ग और दूसरा भाग दास था।कथन-2: इस युग में उत्पादन के साधनों का स्वामित्व दासों के पास था। (a) केवल कथन-1 सही है(b) केवल कथन-2 सही है(c) … Read more

अगस्त कॉम्ट की अध्ययन विधियों (Methods of Study) पर आधारित MCQs

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ (Methods of Study): समाजशास्त्र का वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Auguste Comte Methods of Study in Sociology) पर आधारित MCQs 1. अगस्ट कॉम्ट के अनुसार समाजशास्त्र को भौतिक विज्ञानों की तरह वैज्ञानिक और व्यवस्थित रूप देने के लिए किस विधि को मूल आधार माना गया है? (A) प्रत्यक्षवादी विधि (Positive Method)(B) सांख्यिकीय विधि … Read more

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ

अगस्ट कॉम्ट की अध्ययन विधियाँ: समाजशास्त्र का वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Auguste Comte Methods of Study in Sociology) अगस्ट कॉम्ट (1798–1857), जिन्हें समाजशास्त्र का जनक माना जाता है, का मुख्य उद्देश्य समाजशास्त्र को एक प्रत्यक्षवादी (Positive) विज्ञान के रूप में स्थापित करना था। उनका मानना था कि समाज में होने वाली घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन करके उनके … Read more