अगस्ट कॉम्ट (1798–1857): प्रत्यक्षवाद के प्रवर्तक और समाजशास्त्र के जनक – MCQs

अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857): प्रत्यक्षवाद के प्रवर्तक और समाजशास्त्र के जनक – MCQs सहित विस्तृत व्याख्या Auguste Comte को आधुनिक समाजशास्त्र (Sociology) का संस्थापक और “Father of Sociology” कहा जाता है। उन्होंने समाज के अध्ययन को धार्मिक या दार्शनिक दृष्टिकोण से हटाकर वैज्ञानिक आधार पर स्थापित किया। कॉम्ट ने यह विचार दिया कि समाज … Read more

अगस्ट कॉम्ट: प्रत्यक्षवाद (Positivism) और समाजशास्त्र के जनक | Auguste Comte

The founder of Positivism and the Father of Sociology

अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857): प्रत्यक्षवाद के प्रवर्तक और समाजशास्त्र के जनक 19वीं शताब्दी का यूरोप बौद्धिक रूप से गहरे परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था। तर्क और विज्ञान के उदय ने धार्मिक विश्वासों और आध्यात्मिक व्याख्याओं को चुनौती दी। इसी वैज्ञानिक चेतना के युग में फ्रांसीसी दार्शनिक अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte) ने मानव … Read more

File Handling in Python – Class 12 Important MCQs with Answers & Explanations

File Handling in Python Class 12 MCQs with Answers and Explanations – Mohan Exam

Class 12 Computer Science – Chapter 2: File Handling in Python (200+ MCQs with Detailed Explanation) Welcome to Mohan Exam, your trusted platform for NCERT-based and exam-oriented learning.In this post, we bring you 200+ carefully crafted MCQs from Class 12 Computer Science – Chapter 2: File Handling in Python, designed to cover every important topic … Read more

Karl Marx: जीवन, व्यक्तित्व, Das Kapital और First International – MCQs के साथ विस्तृत व्याख्या

Karl Marx: जीवन, व्यक्तित्व, Das Kapital, First International और वैश्विक प्रभाव – MCQs सहित विस्तृत व्याख्या Karl Marx (1818–1883) आधुनिक समाजशास्त्र, राजनीतिक अर्थशास्त्र और समाजवादी विचारधारा के सबसे प्रभावशाली विचारकों में से एक थे। उनके विचार न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया में श्रमिक आंदोलन, सामाजिक सुधार और वर्ग-संघर्ष की दिशा को प्रभावित करते रहे … Read more

Karl Marx Sociology MCQs with Detailed Explanation [In Hindi]

Karl Marx Sociology MCQs with Detailed Explanation मैंने Karl Marx से संबंधित समाजशास्त्र के सभी महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित UGC NET/JRF स्तर के MCQs तैयार किए हैं।हर प्रश्न के साथ उसकी विस्तृत व्याख्या (Detailed Explanation) दी गई है ताकि आप केवल उत्तर न याद करें, बल्कि गहराई से समझ सकें। सभी प्रश्नों को पढ़ने के … Read more

कक्षा 9 अर्थशास्त्र – अध्याय 4: भारत में खाद्य सुरक्षा

भारत में खाद्य सुरक्षा

अध्याय 4: भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India) MCQs भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security) हर नागरिक का मूल अधिकार और एक बड़ी सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह केवल भोजन की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, पोषक और पर्याप्त भोजन सुनिश्चित करना भी इसका हिस्सा है। कक्षा 9 के अर्थशास्त्र के अध्याय … Read more

सामाजिक क्रान्ति के सिद्धांत की आलोचना और Marxist दृष्टिकोण – Karl Marx का विश्लेषण

सामाजिक क्रान्ति

सामाजिक क्रान्ति के सिद्धांत की आलोचना और समालोचना (Critique and Evaluation of the Theory of Social Revolution) 1. प्रारम्भिक अस्थिरताएँ (Initial Ambiguities) Karl Marx और Friedrich Engels ने अपने प्रारंभिक कार्य The German Ideology (1846) में समाज की उत्पादन पद्धतियों (Modes of Production) और सामाजिक संरचना (Social Structure) का अध्ययन किया। उस समय क्रान्ति की … Read more

धर्म, अधिसंरचना और पूंजीवाद की आलोचना – Karl Marx का दृष्टिकोण

धर्म, अधिसंरचना और पूंजीवाद की आलोचना

धर्म, अधिसंरचना और पूंजीवाद की आलोचना (Religion, Superstructure and Critique of Capitalism – Marx’s Perspective) 1. प्रस्तावना (Introduction) Karl Marx (1818–1883) आधुनिक समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और राजनीतिक दर्शन के सर्वाधिक प्रभावशाली विचारकों में से एक थे।उनके विचारों ने आधुनिक सामाजिक विज्ञान को एक वैज्ञानिक आधार प्रदान किया, जिसे हम आज ऐतिहासिक भौतिकवाद (Historical Materialism) के नाम … Read more

क्रान्ति की प्रक्रिया, सर्वहारा का अधिनायकवाद और साम्यवाद – Marx का दृष्टिकोण

The Process of Revolution, Dictatorship of the Proletariat, and Communism – Marx’s Perspective

क्रान्ति की प्रक्रिया, सर्वहारा का अधिनायकवाद और साम्यवाद – Marx का दृष्टिकोण 1. परिचय Karl Marx केवल एक दार्शनिक नहीं थे, बल्कि एक सक्रिय क्रान्तिकारी विचारक और समाजशास्त्र के गहन विश्लेषक भी थे। उनका मानना था कि समाज का विकास केवल राजनीतिक सत्ता में बदलाव या व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं होता, बल्कि इसका आधार आर्थिक … Read more

कार्ल मार्क्स क्रान्ति सिद्धांत: आलोचनाएँ, आधुनिक दृष्टिकोण और सामाजिक सुधार बनाम क्रान्ति

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क्रान्ति की आलोचनाएँ, आधुनिक दृष्टिकोण और सामाजिक सुधार बनाम क्रान्ति (Critiques of Revolution, Modern Perspectives, and Social Reform versus Revolution) 1. परिचय Karl Marx का क्रान्ति सिद्धांत केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं था। Marx का मानना था कि समाज का आर्थिक आधार (economic base) और उसमें मौजूद उत्पादन संबंध (relations of production) ही … Read more