HECI Bill 2025: एकल नियामक के फायदे और नुकसान

HECI Bill 2025

HECI Bill 2025 प्रस्तावित HECI (Higher Education Commission of India) बिल 2025 संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा, जो भारत में उच्च शिक्षा को एकीकृत नियामक तंत्र (एकल आयोग) देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह बिल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (AICTE) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् … Read more

Marxian वर्ग सिद्धांत और वर्ग चेतना पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs

1. मार्क्स के अनुसार वर्ग की मुख्य विशेषता क्या है? (a) राजनीति(b) विचारधारा(c) आर्थिक स्थिति और उत्पादन साधनों के प्रति संबंध(d) धर्म उत्तर: (c) आर्थिक स्थिति और उत्पादन साधनों के प्रति संबंध 2. मार्क्स के अनुसार किसी समूह को “वर्ग” कहा जाने के लिए क्या आवश्यक है? (a) समान शिक्षा और संस्कृति(b) उत्पादन सम्बन्धों में … Read more

मार्क्स का समाजशास्त्र: वर्ग, उत्पादन और सामाजिक संरचना — MCQs

1. मार्क्स के अनुसार पूंजीवाद के उदय का मुख्य आधार क्या है? (a) उत्पादन शक्तियों और उत्पादन सम्बन्धों में परिवर्तन(b) सामाजिक परम्पराओं में बदलाव(c) राज्य की राजनीतिक शक्ति(d) प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण उत्तर: (a) उत्पादन शक्तियों और उत्पादन सम्बन्धों में परिवर्तन 2. पूंजीवाद में उत्पादन शक्तियों के विकास का मुख्य साधन कौन सा है? (a) … Read more

ऑगस्त कॉम्ट का समाजशास्त्रीय योगदान

Sociological Contribution

ऑगस्त कॉम्ट का समाजशास्त्रीय योगदान आधुनिक समाजशास्त्र की वैज्ञानिक नींव रखने वाले अग्रदूत ऑगस्त कॉम्ट (Auguste Comte) का योगदान सामाजिक विचार के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्यक्षवाद (Positivism), Law of Three Stages, और समाज को वैज्ञानिक पद्धति से समझने का उनका आग्रह—इन सभी ने समाजशास्त्र को दार्शनिक अटकलों से निकालकर एक अनुभवजन्य … Read more

अगस्ट कॉम्ट के प्रत्यक्षवाद की सीमाएँ और आलोचनाएँ — MCQs

कॉम्ट के प्रत्यक्षवाद की सीमाएँ और आलोचनाएँ 1. कॉम्ट के प्रत्यक्षवाद के बारे में विचार करें: ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?(a) केवल 1 और 2(b) केवल 2 और 3(c) केवल 1 और 3(d) 1, 2 और 3 सभी उत्तर: (d) 1, 2 और 3 सभी 2. निम्न में से कौन-सी दार्शनिक (philosophical) … Read more

समाजशास्त्र: अगस्ट कॉम्ट का प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान MCQs

1. ऑगस्ट कॉम्ट ने समाजशास्त्र को एक प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान के रूप में क्यों स्थापित किया? A. क्योंकि उनका मानना था कि समाज केवल धार्मिक दृष्टिकोण से समझा जा सकता है।B. क्योंकि वे सामाजिक प्रघटनाओं को प्राकृतिक नियमों के अनुरूप समझना चाहते थे।C. क्योंकि वे समाज को दार्शनिक व्याख्या के आधार पर समझाना चाहते थे।D. … Read more

समाजशास्त्र : अगस्ट कॉम्ट और प्रत्यक्षवादी दृष्टिकोण

Sociology: A Positivist Social Science

समाजशास्त्र : एक प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) को “समाजशास्त्र का जनक” (Father of Sociology) कहा जाता है क्योंकि उन्होंने समाज के अध्ययन को धार्मिक और तात्त्विक आधार से हटाकर वैज्ञानिक आधार (Scientific Basis) पर स्थापित किया। उन्होंने प्रतिपादित किया कि समाज भी प्रकृति की तरह नियमबद्ध (Law-Governed) है और इसका अध्ययन … Read more

अगस्त कॉम्ट: सामाजिक स्थैतिकी और गतिशीलता के MCQs

सामाजिक स्थैतिकी और गतिशीलता 1. अगस्त कॉम्ट ने समाजशास्त्र को किन दो प्रमुख भागों में विभाजित किया था? A. सामाजिक क्रिया और सामाजिक व्यवस्थाB. सामाजिक स्थैतिकी और सामाजिक गतिशीलताC. सामाजिक संगठन और सामाजिक परिवर्तनD. सामाजिक एकता और सामाजिक संघर्ष उत्तर: B. सामाजिक स्थैतिकी और सामाजिक गतिशीलता 2. कॉम्ट ने समाजशास्त्र को दो भागों में बाँटने … Read more

अगस्ट कॉम्ट : सामाजिक स्थैतिकी और सामाजिक गतिशीलता

Social Statics & Social Dynamics

सामाजिक स्थैतिकी और सामाजिक गतिशीलता (Social Statics & Social Dynamics) अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) को आधुनिक समाजशास्त्र का “प्रथम वैज्ञानिक” (First Scientist of Sociology) माना जाता है। उन्होंने समाज को एक जीवित प्रणाली (Living System) के रूप में देखा, जिसमें संरचना (Structure) और परिवर्तन (Change) दोनों निरंतर सक्रिय रहते हैं और प्राकृतिक नियमों (Natural … Read more

Karl Marx के Asian Mode of Production (AMP) पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs

Karl Marx का एशियाई उत्पादन पद्धति (Asian Mode of Production – AMP) समाजशास्त्र और इतिहास के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। AMP के माध्यम से Marx ने एशियाई समाजों में भूमि, उत्पादन, राज्य और सामाजिक संरचना के स्थायित्व और गतिहीनता के कारणों का विश्लेषण किया। इस पोस्ट में हम AMP पर आधारित MCQs प्रस्तुत … Read more