समाजशास्त्र : एक नये समाज विज्ञान का जन्म MCQs

(1) अगस्ट कॉम्ट ने अपने नये विज्ञान का प्रारम्भिक नाम क्या रखा था?

(A) Sociology
(B) Social Philosophy
(C) Social Physics
(D) Political Science

उत्तर: (C) Social Physics

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने समाज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने के लिए एक नया विज्ञान विकसित किया।
  • प्रारंभ में उन्होंने इसे “Social Physics” (सामाजिक भौतिकी) कहा। उनका उद्देश्य था समाज के अध्ययन को भौतिक विज्ञान की तरह नियमबद्ध और वैज्ञानिक बनाना।
  • उन्होंने समाजशास्त्र को दो भागों में विभाजित किया:
    1. Social Statics (सामाजिक स्थिरता) – समाज की संरचना और स्थायित्व का अध्ययन।
    2. Social Dynamics (सामाजिक परिवर्तन) – समाज में बदलाव और प्रगति का अध्ययन।
  • बाद में, बेल्जियम के वैज्ञानिक Adolphe Quetelet द्वारा “Social Physics” शब्द का उपयोग व्यापक रूप से किया गया। इस कारण Comte ने इसे बदलकर “Sociology” नाम अपनाया, जो आज आधुनिक समाजशास्त्र के लिए मानक शब्द है।

(2) “Sociology” शब्द की रचना सबसे पहले किसने की थी?

(A) Saint-Simon
(B) Herbert Spencer
(C) Auguste Comte
(D) Adolphe Quetelet

उत्तर: (C) Auguste Comte

व्याख्या:

  • अगस्ट कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने 1838–1839 के आसपास “Sociology” शब्द की रचना की।
  • यह शब्द दो भागों से मिलकर बना है:
    1. Socius (लैटिन) – सहचर, समाज
    2. Logos (ग्रीक) – अध्ययन, विज्ञान
  • शब्द का अर्थ हुआ – “समाज का अध्ययन / समाजविज्ञान”
  • कॉम्ट ने समाज को प्राकृतिक विज्ञान की तरह नियमबद्ध तरीके से अध्ययन करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने इसे Scientific Sociology के रूप में स्थापित किया।
  • इसी कारण, उन्हें आधुनिक समाजशास्त्र का “Father of Sociology” माना जाता है।
  • ध्यान दें कि कुछ इतिहासकारों का दावा है कि 1780 में Emmanuel-Joseph Sieyès ने अप्रकाशित रूप से “sociology” शब्द लिखा था। लेकिन Comte ने इसे व्यवस्थित और व्यापक रूप से स्थापित किया, इसलिए वह शब्द के वास्तविक निर्माता और संस्थापक माने जाते हैं।

(3) कॉम्ट ने समाजशास्त्र को किस प्रकार के विज्ञान के रूप में परिभाषित किया?

(A) दार्शनिक विज्ञान
(B) प्रत्यक्षवादी विज्ञान
(C) सांस्कृतिक विज्ञान
(D) आलोचनात्मक विज्ञान

उत्तर: (B) प्रत्यक्षवादी विज्ञान

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने समाज को धार्मिक या दार्शनिक व्याख्याओं पर निर्भर किए बिना, वैज्ञानिक तरीके से समझने की कोशिश की।
  • उन्होंने समाजशास्त्र को Positive Science (प्रत्यक्षवादी / सकारात्मक विज्ञान) कहा। इसका अर्थ है:
    1. समाज के नियमों और घटनाओं का अध्ययन प्रत्यक्ष अवलोकन (Observation), अनुभव (Experience) और तुलनात्मक विश्लेषण (Comparative Analysis) के माध्यम से किया जाए।
    2. समाज को प्राकृतिक विज्ञानों की तरह नियमबद्ध और व्यवस्थित तरीके से समझा जाए।
    3. धर्म या दर्शन के आधार पर अटकलों या विश्वासों के बजाय साक्ष्यों (Evidence) पर आधारित अध्ययन किया जाए।
  • Comte ने समाजशास्त्र को दो मुख्य भागों में बांटा:
    1. Social Statics (सामाजिक स्थिरता) – समाज की संरचना और स्थिर नियमों का अध्ययन।
    2. Social Dynamics (सामाजिक परिवर्तन / प्रगति) – समाज में परिवर्तन और विकास के नियमों का अध्ययन।
  • इस दृष्टिकोण के कारण, Comte को समाजशास्त्र के “Founder of Scientific Sociology” के रूप में जाना जाता है।

(4) कॉम्ट ने समाजशास्त्र का उद्देश्य क्या बताया था?

(A) धर्म और नैतिकता का विश्लेषण
(B) सामाजिक संस्थाओं का सांस्कृतिक अध्ययन
(C) समाज के स्थिर और गतिशील पक्षों का अध्ययन
(D) सामाजिक मूल्यों का आलोचनात्मक परीक्षण

उत्तर: (C) समाज के स्थिर और गतिशील पक्षों का अध्ययन

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने समाजशास्त्र को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिभाषित किया।
  • उनके अनुसार समाजशास्त्र का उद्देश्य सामाजिक घटनाओं और संरचनाओं के नियमों को खोजकर समाज को समझना है।
  • Comte ने समाजशास्त्र को दो भागों में बांटा:
    1. Social Statics (सामाजिक स्थिरता / स्थिर पक्ष):
      • यह समाज की संरचना, सामाजिक संस्थाओं, नियमों और स्थिरता का अध्ययन करता है।
      • उदाहरण: परिवार, धर्म, शासन, न्याय आदि सामाजिक संस्थाओं की स्थिर भूमिका।
    2. Social Dynamics (सामाजिक परिवर्तन / गतिशील पक्ष):
      • यह समाज में बदलाव, प्रगति और विकास के नियमों का अध्ययन करता है।
      • उदाहरण: सामाजिक सुधार, तकनीकी बदलाव, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन।
  • Comte का मानना था कि समाज के स्थिर और गतिशील दोनों पहलुओं का अध्ययन करने से ही समाज की पूरी समझ संभव है
  • इसी दृष्टिकोण से उन्होंने समाजशास्त्र को Positive Science (प्रत्यक्षवादी विज्ञान) के रूप में स्थापित किया।

(5) “An Essay on Social Physics” पुस्तक के लेखक कौन थे?

(A) Saint-Simon
(B) Adolphe Quetelet
(C) Auguste Comte
(D) Herbert Spencer

उत्तर: (B) Adolphe Quetelet

व्याख्या:

  • Adolphe Quetelet (1796–1874) बेल्जियम के वैज्ञानिक थे, जिन्हें सांख्यिकी और समाजशास्त्र के प्रारंभिक प्रयोगों के लिए जाना जाता है।
  • उन्होंने “An Essay on Social Physics” (1835) लिखी, जिसमें उन्होंने Social Physics शब्द का प्रयोग समाज की सांख्यिकीय प्रवृत्तियों (statistical tendencies) के अध्ययन के लिए किया।
  • Quetelet ने समाज में औसत, नियम और प्रवृत्तियों को मापने के लिए Mathematical / Statistical Methods का उपयोग किया।
  • इसी कारण, जब Comte ने प्रारंभ में अपने समाज विज्ञान को “Social Physics” कहा, तो Quetelet के काम के प्रभाव के कारण उन्होंने इसे बदलकर “Sociology” नाम दिया।
  • इस दृष्टिकोण से Quetelet को आधुनिक Social Statistics का जनक माना जाता है।

(6) “Positive Politics” पुस्तक में कॉम्ट ने क्या प्रतिपादित किया?

(A) समाज का आर्थिक आधार
(B) समाज की प्रत्यक्षवादी संरचना
(C) समाजशास्त्र की व्यापक परिभाषा और उद्देश्य
(D) समाज की सांख्यिकीय व्याख्या

उत्तर: (C) समाजशास्त्र की व्यापक परिभाषा और उद्देश्य

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने 1851–1854 के बीच अपनी पुस्तक “Positive Politics” प्रकाशित की।
  • इस पुस्तक में उन्होंने समाजशास्त्र की विस्तृत और वैज्ञानिक व्याख्या दी।
  • मुख्य बिंदु:
    1. समाज का संगठन: समाज की संरचना, सामाजिक संस्थाओं की भूमिका और सामाजिक स्थिरता का अध्ययन।
    2. सामाजिक प्रगति: समाज में परिवर्तन, विकास और सामाजिक सुधार के नियम।
    3. नैतिक एकता: समाज के स्थायित्व और प्रगति के लिए नैतिक और सामाजिक मूल्यों की भूमिका।
  • Comte ने स्पष्ट किया कि समाजशास्त्र Positive Science (प्रत्यक्षवादी विज्ञान) है और इसका उद्देश्य समाज के स्थिर और गतिशील पक्षों का वैज्ञानिक अध्ययन करना है।
  • इस पुस्तक में Comte ने अपने समाजशास्त्र के विस्तृत सिद्धांत, उद्देश्य और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण को प्रतिपादित किया।

(7) कॉम्ट ने विज्ञानों के सोपान में समाजशास्त्र को कहाँ रखा?

(A) सबसे नीचे
(B) भौतिकशास्त्र के बाद
(C) सबसे ऊपर
(D) रसायनशास्त्र के साथ

उत्तर: (C) सबसे ऊपर

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने अपने “Hierarchy of the Sciences” (साइंसेज की पदानुक्रम / विज्ञानों का सोपान) सिद्धांत में विज्ञानों को सादगी से जटिलता की ओर क्रमबद्ध किया।
  • उनका दृष्टिकोण था कि:
    1. भौतिक विज्ञान (Physics) – सबसे सरल और मूलभूत।
    2. रसायन विज्ञान (Chemistry)
    3. जीव विज्ञान (Biology)
    4. सामाजिक विज्ञान / समाजशास्त्र (Sociology) – सबसे जटिल और समेकित।
  • Comte ने कहा कि समाजशास्त्र “Crown of Sciences” (विज्ञानों का शिखर) है क्योंकि यह सभी प्राकृतिक विज्ञानों के नियमों और विधियों का उपयोग करके समाज की संरचना और विकास को समझने वाला सबसे उच्च और समेकित विज्ञान है।
  • इसका कारण यह है कि समाजशास्त्र मानव समाज की जटिलता, सामाजिक संस्थाओं और सामाजिक नियमों का अध्ययन करता है, जो अन्य विज्ञानों की तुलना में अधिक समेकित और व्यापक है।

(8) समाजशास्त्र के अध्ययन की कॉम्ट द्वारा सुझाई गई विधि क्या थी?

(A) ऐतिहासिक और तुलनात्मक विधि
(B) प्रयोगात्मक और प्रायोगिक विधि
(C) धार्मिक और नैतिक विधि
(D) सांस्कृतिक और दार्शनिक विधि

उत्तर: (A) ऐतिहासिक और तुलनात्मक विधि

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने समाजशास्त्र के अध्ययन के लिए वैज्ञानिक और व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
  • उन्होंने दो प्रमुख विधियों पर जोर दिया:
    1. Historical Method (ऐतिहासिक विधि):
      • समाज के विकास और परिवर्तन का क्रम समझने के लिए अतीत के सामाजिक घटनाओं और संस्थाओं का अध्ययन।
      • इतिहास सामाजिक परिवर्तनों, नियमों और प्रगति की संरचना को स्पष्ट करता है।
    2. Comparative Method (तुलनात्मक विधि):
      • विभिन्न समाजों और संस्कृतियों की तुलना करके सामान्य सामाजिक नियमों और संरचनाओं की पहचान करना।
      • यह विधि समाजशास्त्र को सर्वत्र समान नियमों की खोज में मदद करती है।
  • Comte का मानना था कि इन दोनों विधियों का उपयोग करके समाजशास्त्र Positive Science (प्रत्यक्षवादी / वैज्ञानिक समाजशास्त्र) के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

(9) कॉम्ट के अनुसार समाजशास्त्र का अन्तिम उद्देश्य क्या है?

(A) समाज का नैतिक पुनर्गठन
(B) धार्मिक परंपराओं की समीक्षा
(C) वैज्ञानिक आविष्कारों का समाजीकरण
(D) समाज के सांस्कृतिक अध्ययन का विस्तार

उत्तर: (A) समाज का नैतिक पुनर्गठन

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने समाजशास्त्र का अंतिम उद्देश्य “Order and Progress” (व्यवस्था और प्रगति) पर आधारित बताया।
  • उनका मानना था कि सामाजिक स्थिरता और नैतिक एकता के बिना समाज में वास्तविक प्रगति असंभव है।
  • Comte ने समाजशास्त्र को सामाजिक नैतिक पुनर्गठन (Moral Reconstruction of Society) का उपकरण माना।
  • इसके मुख्य बिंदु:
    1. Order (व्यवस्था): समाज के स्थिर नियम और सामाजिक संस्थाओं का संतुलन।
    2. Progress (प्रगति): समाज में वैज्ञानिक, तकनीकी और नैतिक विकास।
    3. Moral Unity (नैतिक समरसता): सामाजिक एकता और सहिष्णुता को बढ़ावा देना।
  • यही कारण है कि Comte ने समाजशास्त्र को Positive Science (प्रत्यक्षवादी विज्ञान) के रूप में स्थापित किया, जिसका उद्देश्य केवल अध्ययन नहीं बल्कि समाज का सकारात्मक और नैतिक परिवर्तन भी है।

(10) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कॉम्ट के समाजशास्त्र की सीमा को दर्शाता है?

(A) अत्यधिक दार्शनिक दृष्टिकोण
(B) सांस्कृतिक और व्यक्तिनिष्ठ तत्वों की उपेक्षा
(C) धार्मिक मान्यताओं पर निर्भरता
(D) मानव चेतना का आदर्शीकरण

उत्तर: (B) सांस्कृतिक और व्यक्तिनिष्ठ तत्वों की उपेक्षा

व्याख्या:

  • अगस्त कॉम्ट (Auguste Comte, 1798–1857) ने समाजशास्त्र को Positive Science (प्रत्यक्षवादी / वैज्ञानिक दृष्टिकोण) के रूप में प्रस्तुत किया।
  • उनका दृष्टिकोण अत्यधिक यांत्रिक और वस्तुनिष्ठ (mechanical and objective) था।
  • उन्होंने समाज को मुख्यतः सामाजिक संस्थाओं, नियमों और स्थिरता/परिवर्तन के नियमों के रूप में समझने पर जोर दिया।
  • इस कारण, उन्होंने मानव की सांस्कृतिक चेतना, व्यक्तिगत अनुभव, अर्थ और मूल्य (subjective and cultural elements) को कम महत्व दिया।
  • यही Comte के समाजशास्त्र की मुख्य सीमा और आलोचना (limitation & criticism) मानी जाती है।
  • आलोचक मानते हैं कि Comte के दृष्टिकोण में मानव जीवन की सांस्कृतिक, भावनात्मक और व्यक्तिनिष्ठ (individualistic) विशेषताओं को पर्याप्त स्थान नहीं मिला।

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