अगस्ट कॉम्ट के विज्ञानों का सोपान – महत्वपूर्ण MCQs व विस्तृत व्याख्या

विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences)


1. अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों का सोपान किस पुस्तक में प्रस्तुत किया था?

(a) Positive Politics
(b) Positive Philosophy
(c) Course of Political Theory
(d) Principles of Sociology

उत्तर: (b) Positive Philosophy

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of the Sciences) का सिद्धांत अपनी महान कृति Cours de philosophie positive (1830–1842) में प्रस्तुत किया, जिसका अंग्रेज़ी नाम The Course of Positive Philosophy और संक्षिप्त रूप Positive Philosophy है।

कॉम्ट ने इस कृति में विज्ञानों को निम्न क्रम में रखा:

  1. गणित (Mathematics)
  2. खगोल विज्ञान (Astronomy)
  3. भौतिकी (Physics)
  4. रसायन विज्ञान (Chemistry)
  5. जीव विज्ञान (Biology)
  6. समाजशास्त्र (Sociology) – जिसे उन्होंने “Queen of the Sciences” कहा

कॉम्ट का तर्क था—

  • जिन विज्ञानों के नियम अधिक सामान्य (general) होते हैं, वे सरल होते हैं और नीचे रखे जाते हैं।
  • जिन विज्ञानों की घटनाएँ अधिक जटिल (complex) होती हैं, वे ऊपर आते हैं।

यही कारण है कि गणित सबसे नीचे और समाजशास्त्र सबसे ऊपर रखा गया है।

कॉम्ट ने विज्ञानों का सोपान Positive Philosophy में ही प्रस्तुत किया था, और यही समाजशास्त्र के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है।

2. कॉम्ट ने विज्ञानों के सोपान में विज्ञानों के क्रम को किस आधार पर निर्धारित किया?

(a) उनके ऐतिहासिक विकास के आधार पर
(b) उनकी सामान्यता और जटिलता के आधार पर
(c) उनके उपयोगिता के आधार पर
(d) उनके सामाजिक महत्व के आधार पर

उत्तर: (b) उनकी सामान्यता और जटिलता के आधार पर

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ Cours de philosophie positive (The Course of Positive Philosophy, 1830–1842) में विज्ञानों की श्रेणी (Hierarchy of the Sciences) निर्धारित करते समय दो मुख्य मापदंड अपनाए:

(1) Generality (सामान्यता)

किसी विज्ञान की अवधारणाएँ और सिद्धांत

  • जितने अधिक व्यापक और सामान्य होते हैं
  • उतना ही वह विज्ञान निचली सीढ़ी पर रखा जाता है

उदाहरण:
गणित की अवधारणाएँ (संख्या, मात्रा, मापन) सबसे सामान्य हैं → इसलिए गणित सबसे नीचे।

(2) Complexity (जटिलता)

कॉम्ट ने कहा:

  • कोई विज्ञान जितना कम सामान्य, उतना अधिक जटिल
  • और जितना अधिक जटिल, वह सोपान में उतना ऊपर

उदाहरण:
समाजशास्त्र (Sociology) सबसे जटिल विज्ञान है → क्योंकि यह मानव आचरण, अंतःक्रिया, संस्थाओं और समाज की संरचना का अध्ययन करता है।

इस प्रकार विज्ञानों का क्रम इस सिद्धांत पर आधारित है कि —

“General laws become less and less general, and phenomena more and more complex as we move upward in the scale of the sciences.”

“जैसे-जैसे हम विज्ञानों के सोपान (क्रम) में ऊपर की ओर बढ़ते हैं, वैसे-वैसे सामान्य नियम कम सामान्य होते जाते हैं और अध्ययन किए जाने वाले घटनाएँ अधिकाधिक जटिल होती जाती हैं।”

कॉम्ट द्वारा निर्धारित पूरा क्रम

  1. गणित (सबसे अधिक सामान्य, सबसे कम जटिल)
  2. खगोलशास्त्र
  3. भौतिकी
  4. रसायन
  5. जीवविज्ञान
  6. समाजशास्त्र (सबसे अधिक जटिल, सबसे कम सामान्य)

कॉम्ट ने विज्ञानों का क्रम General to Particular और Simple to Complex सिद्धांत पर निर्धारित किया था।

3. कॉम्ट के अनुसार, कौन-सा विज्ञान सबसे सामान्य और सबसे कम जटिल है?

(a) समाजशास्त्र
(b) रसायनशास्त्र
(c) गणितशास्त्र
(d) प्राणिशास्त्र

उत्तर: (c) गणितशास्त्र

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान (Hierarchy of the Positive Sciences) में गणित (Mathematics) को सबसे नीचे (first / foundational science) रखा गया है, क्योंकि यह—

(1) सबसे सामान्य (Most General) विज्ञान है

इसके सिद्धांत सभी अन्य विज्ञानों पर लागू होते हैं—
संख्या, मात्रा, आकृति, मापन आदि।

(2) सबसे कम जटिल (Least Complex) विज्ञान है

इसमें केवल सरल, सबसे सामान्य सिद्धांत और सबसे कम विविध घटनाएँ होती हैं।
कठिनाई बढ़ती है → Astronomy → Physics → Chemistry → Biology → Sociology

कॉम्ट का सिद्धांत था:

जितना विज्ञान अधिक सामान्य होता है, वह उतना कम जटिल होता है।

इसीलिए गणित को उन्होंने सोपान के आधार (foundation) पर और समाजशास्त्र को शीर्ष (top) पर रखा।

कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान में गणित (Mathematics) को सबसे सामान्य और सबसे कम जटिल विज्ञान माना गया है। इसलिए यह सोपान की पहली और नींव की सीढ़ी है। अन्य सभी विज्ञान (खगोल, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, समाजशास्त्र) गणित की तुलना में अधिक जटिल माने जाते हैं।

4. कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान में समाजशास्त्र को किस स्थान पर रखा गया है?

(a) प्रथम
(b) अंतिम
(c) मध्य
(d) द्वितीय

उत्तर: (b) अंतिम

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों के क्रम (Hierarchy of Sciences) को दो मुख्य सिद्धांतों पर आधारित किया—

  1. सामान्यता (Generality):
    जो विज्ञान सबसे सामान्य नियमों से संबंधित है, वह सोपान में ऊपर रहता है।
  2. जटिलता (Complexity):
    जैसे-जैसे विज्ञान अधिक जटिल होता जाता है, वह क्रम में नीचे आता है।

इन्हीं आधारों पर कॉम्ट ने विज्ञानों का यह क्रम दिया:

  1. गणित (Mathematics) – सबसे सामान्य, सबसे कम जटिल
  2. खगोलशास्त्र (Astronomy)
  3. भौतिकशास्त्र (Physics)
  4. रसायनशास्त्र (Chemistry)
  5. जीवविज्ञान (Biology)
  6. समाजशास्त्र (Sociology) – सबसे जटिल, सबसे कम सामान्य

कॉम्ट के अनुसार:

  • समाज सबसे अधिक जटिल संरचनाओं से बना होता है।
  • इसमें मानव व्यवहार, सामाजिक संबंध, समूह, संस्थाएँ, मूल्य, सामाजिक परिवर्तन—सभी शामिल हैं।
  • इसलिए यह सभी विज्ञानों में सबसे अंतिम और सबसे जटिल विज्ञान है।

इसी कारण समाजशास्त्र को उन्होंने “queen of the sciences” भी कहा—
हिंदी अर्थ: विज्ञानों की रानी, क्योंकि यह सबसे उन्नत और समग्र विज्ञान है।

5. कॉम्ट के अनुसार समाजशास्त्र को विज्ञानों की श्रेणी में स्थान क्यों दिया गया?

(a) क्योंकि यह समाज की उत्पत्ति बताता है
(b) क्योंकि यह धार्मिक दृष्टिकोण रखता है
(c) क्योंकि इसकी विधि प्रत्यक्षवादी है
(d) क्योंकि यह अमूर्त विज्ञान है

उत्तर: (c) क्योंकि इसकी विधि प्रत्यक्षवादी है

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने समाजशास्त्र को विज्ञानों के सोपान में इसलिए स्थान दिया क्योंकि उन्होंने इसे पूर्णत: वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित किया।
इस वैज्ञानिक पद्धति को उन्होंने Positive Method या Positivism कहा।

कॉम्ट के अनुसार, समाजशास्त्र एक विज्ञान है क्योंकि—

1. यह अवलोकन (Observation) पर आधारित है

कॉम्ट ने कहा कि समाज का अध्ययन किसी धार्मिक, दार्शनिक या काल्पनिक (theological/metaphysical) धारणाओं पर नहीं,
बल्कि प्रत्यक्ष अवलोकन और अनुभवजन्य तथ्यों पर होना चाहिए।

2. यह वैज्ञानिक नियम (Scientific Laws) खोजता है

भौतिक विज्ञानों की तरह समाज में भी निश्चित नियम होते हैं जिन्हें खोजा जा सकता है —
इन्हें कॉम्ट ने Social Statics और Social Dynamics कहा।

3. यह वैज्ञानिक विधि का उपयोग करता है

कॉम्ट ने समाजशास्त्र में निम्न वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग अनिवार्य बताया—

  • अवलोकन (Observation)
  • तुलना (Comparison)
  • ऐतिहासिक विधि (Historical Method)
  • प्रयोग का अवरोधित रूप (Indirect Experimentation)

4. समाजशास्त्र विज्ञानों के सोपान का अंतिम और सर्वोच्च विज्ञान है

क्योंकि—

  • यह सबसे जटिल घटनाओं का अध्ययन करता है
  • यह मानव समाज के नियमों को वैज्ञानिक ढंग से समझाता है
  • और अन्य सभी विज्ञानों पर आधारित है

कॉम्ट का प्रसिद्ध कथन:
“Sociology is the last science to be developed, but the most important.”

“समाजशास्त्र सबसे बाद में विकसित हुआ विज्ञान है, लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण है।”

6. कॉम्ट के सोपान में विज्ञानों की प्रकृति कैसी है?

(a) स्वतंत्र और एक-दूसरे से असंबद्ध
(b) परस्पर आश्रित और क्रमबद्ध
(c) केवल धार्मिक दृष्टिकोण पर आधारित
(d) केवल भौतिक जगत से संबंधित

उत्तर: (b) परस्पर आश्रित और क्रमबद्ध

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों की जो Hierarchy of Sciences (विज्ञानों का सोपान) प्रस्तुत किया, उसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सभी विज्ञान एक-दूसरे पर निर्भर (Interdependent) हैं और एक निश्चित क्रम (Ordered) में व्यवस्थित हैं।

1. परस्पर आश्रित (Interdependent):

कॉम्ट ने बताया कि—

  • गणित पर खगोलशास्त्र निर्भर है।
  • खगोलशास्त्र पर भौतिकशास्त्र आंशिक रूप से निर्भर है।
  • भौतिकशास्त्र पर रसायनशास्त्र निर्भर है।
  • रसायनशास्त्र पर जीवविज्ञान निर्भर है।
  • जीवविज्ञान पर समाजशास्त्र निर्भर है।

यानी ऊपरी विज्ञान हमेशा नीचे वाले विज्ञानों के सिद्धांतों पर आधारित होता है।

2. क्रमबद्ध (Ordered):

विज्ञानों का क्रम कॉम्ट ने दो मानदंडों पर निर्धारित किया था—

  • सामान्यता (Generality)
  • जटिलता (Complexity)

सबसे सामान्य और कम जटिल विज्ञान (गणित) सबसे पहले, और सबसे जटिल विज्ञान (समाजशास्त्र) सबसे अंत में रखा गया।

कॉम्ट का कथन –

“The sciences are dependent upon each other and rise in a natural and logical order.”

“विज्ञान परस्पर आश्रित होते हैं और एक प्राकृतिक तथा तार्किक क्रम में व्यवस्थित होते हैं।”

7. कॉम्ट की विज्ञानों की श्रेणी में कौन-सा विज्ञान सामाजिक विज्ञान की श्रेणी में आता है?

(a) खगोलशास्त्र
(b) रसायनशास्त्र
(c) समाजशास्त्र
(d) जीवविज्ञान

उत्तर: (c) समाजशास्त्र

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने अपनी Positive Philosophy में विज्ञानों को दो बड़ी श्रेणियों में बाँटा था—

1. प्राकृतिक विज्ञान (Natural Sciences)

  • गणित
  • खगोल विज्ञान
  • भौतिकी
  • रसायन विज्ञान
  • जीव विज्ञान

ये सभी विज्ञान प्राकृतिक जगत (physical world) की घटनाओं का अध्ययन करते हैं।

2. सामाजिक विज्ञान (Social Science)

  • समाजशास्त्र (Sociology)

कॉम्ट के अनुसार समाजशास्त्र ही एकमात्र ऐसा विज्ञान है जो—

  • सामाजिक तथ्यों का
  • सामाजिक संबंधों का
  • सामाजिक नियमों का

प्रत्यक्षवादी (Positivistic) और अनुभवजन्य (Empirical) अध्ययन करता है।

इसीलिए उन्होंने समाजशास्त्र को
“Queen of the Sciences”
और
“The final and the most complex science”
कहा।

“विज्ञानों में समाजशास्त्र सबसे अंतिम और सबसे जटिल विज्ञान है, और यह मानव समाज के नियमों का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।”

8. कॉम्ट के अनुसार जैसे-जैसे विज्ञान विकसित होता है, उसकी —

(a) सामान्यता घटती है और जटिलता बढ़ती है
(b) सामान्यता बढ़ती है और जटिलता घटती है
(c) दोनों बढ़ती हैं
(d) दोनों घटती हैं

उत्तर: (a) सामान्यता घटती है और जटिलता बढ़ती है

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट के Hierarchy of Sciences के सिद्धांत के अनुसार विज्ञानों का क्रम सरल से जटिल और सामान्य से विशिष्ट की ओर विकसित होता है।

जैसे-जैसे विज्ञान क्रम में ऊपर बढ़ते हैं:

  1. सामान्यता (Generality) घटती है
    • गणित जैसे विज्ञान सबसे सामान्य नियम देते हैं।
    • समाजशास्त्र जैसे विज्ञान विशिष्ट और कम सामान्य नियम देते हैं।
  2. जटिलता (Complexity) बढ़ती है
    • प्राकृतिक विज्ञान (गणित, भौतिकी, रसायन) अपेक्षाकृत सरल हैं।
    • जीव विज्ञान और समाजशास्त्र जैसी उच्च श्रेणी के विज्ञान जटिल होते जाते हैं।

कॉम्ट का कथन –

“General laws become less general and phenomena more complex as we move upward in the scale of sciences.”

“विज्ञानों की श्रेणी में ऊपर बढ़ने पर नियम कम सामान्य और घटनाएँ अधिक जटिल होती जाती हैं।”

9. कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान की मूलभूत प्रेरणा किससे प्राप्त हुई थी?

(a) डार्विन के जैविक विकासवाद से
(b) न्यूटन के वैज्ञानिक नियमों से
(c) सेंट साइमन के सामाजिक दर्शन से
(d) स्पेंसर के जैविक तुलनात्मकता सिद्धांत से

उत्तर: (c) सेंट साइमन के सामाजिक दर्शन से

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट की बौद्धिक यात्रा वास्तव में Saint-Simon (सेंट साइमन) के मार्गदर्शन से शुरू होती है। 1817–1824 के बीच कॉम्ट सेंट साइमन के सचिव, सहायक और बौद्धिक सहयोगी रहे। इस दौरान सेंट साइमन की दो मूल धारणाओं ने कॉम्ट को गहराई से प्रभावित किया:

1. समाज और विज्ञान दोनों में प्रगति एक निश्चित क्रम का पालन करती है

सेंट साइमन का तर्क था कि मानव ज्ञान और सामाजिक संगठन दोनों क्रमिक विकास (Progressive Development) से गुजरते हैं। कॉम्ट ने इसी विचार को आगे बढ़ाकर “Hierarchy of Sciences / विज्ञानों का सोपान” गढ़ा।

2. सामाजिक भौतिकी (Social Physics) का विचार

सेंट साइमन समाज को वैज्ञानिक रूप से समझने की वकालत करते थे। यही विचार बाद में कॉम्ट के “Sociology” के लिए आधार बना। कॉम्ट ने कहा कि समाज का अध्ययन Natural Sciences के समान विधियों से किया जा सकता है।

3. परस्पर आश्रित विज्ञानों का विचार

कॉम्ट का प्रसिद्ध सिद्धांत—कि विज्ञान परस्पर जुड़े हैं और एक क्रम में विकसित हुए—सेंट साइमन की मूल प्रेरणा से ही आया था।

इसलिए विज्ञानों का सोपान (Astronomy → Physics → Chemistry → Biology → Sociology)कॉम्ट का मौलिक निर्माण तो है, लेकिन इसकी वैचारिक जड़ें सेंट साइमन की सोच में स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।

कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान का बौद्धिक बीज Saint-Simon की दर्शन-परंपरा से ही पैदा हुआ था। इसलिए विकल्प (c) पूरी तरह सही और प्रामाणिक है।

10. कॉम्ट के अनुसार गणित को सर्वोच्च स्थान दिए जाने का प्रमुख कारण क्या था?

(a) यह समाजशास्त्र की शाखा है
(b) यह सबसे सामान्य और सबसे सरल विज्ञान है
(c) यह केवल अमूर्त वस्तुओं से संबंधित है
(d) यह धार्मिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित है

उत्तर: (b) यह सबसे सामान्य और सबसे सरल विज्ञान है

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट की Hierarchy of Sciences (विज्ञानों का सोपान) में गणित सबसे नीचे (परंतु सर्वोच्च आधार) रखा गया है, क्योंकि:

1. गणित सबसे “General” विज्ञान है

कॉम्ट कहते हैं कि जितना विज्ञान सामान्य होगा, वह उतना ही सरल और कम जटिल होगा
गणित प्रकृति के किसी विशिष्ट हिस्से का अध्ययन नहीं करता—यह सभी विज्ञानों में लागू होने वाली तर्क-प्रणाली और संख्यात्मक संबंधों को बताता है।

इसलिए यह सबसे अधिक सामान्यीकृत (Generalized) है।

2. गणित सबसे कम जटिल (Least Complex) विज्ञान है

कॉम्ट की दलील के अनुसार विकास क्रम में विज्ञान सरल → जटिल बनते हैं।
गणित में सबसे कम चर (variables) और सबसे अधिक निश्चितता (certainty) होती है, इसलिए यह:

  • कम जटिल
  • सबसे अधिक सटीक (Exact)
  • पूर्वानुमेय (Predictable)

है।

3. सभी बाकी विज्ञान गणित पर निर्भर हैं

गणित वह आधारभूत उपकरण (Fundamental Tool) है जिस पर:

  • भौतिकी
  • रसायन
  • जीवविज्ञान
  • समाजशास्त्र

सभी अपने विश्लेषण, मापन और तर्क का निर्माण करते हैं।

कॉम्ट के अनुसार “Without mathematics, no positive science is possible.”
(“गणित के बिना कोई भी प्रत्यक्षवादी विज्ञान संभव नहीं है।”)

इसलिए गणित को सोपान में सबसे नीचे लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

4. विज्ञानों की एकता (Unity of Sciences) की शुरुआत गणित से होती है

कॉम्ट का विचार यह था कि विज्ञानों का अध्ययन तभी एकीकृत (Unified) हो पाएगा जब हर विज्ञान गणितीय तर्क पर आधारित होगा।


गणित को सर्वोच्च (सबसे आधारभूत) स्थान इसलिए मिला क्योंकि:

  • यह सबसे सरल है
  • यह सबसे सामान्य है
  • यह सभी अन्य विज्ञानों की नींव है

Mohan Exam

11. कॉम्ट का विज्ञानों का वर्गीकरण किस वैज्ञानिक सिद्धांत से मेल खाता है?

(a) विकासवाद (Evolutionism)
(b) संघर्षवाद (Conflict Theory)
(c) कार्यात्मकवाद (Functionalism)
(d) प्रतीकात्मक अन्तःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)

उत्तर: (a) विकासवाद (Evolutionism)

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट का Hierarchy of Sciences (विज्ञानों का सोपान) वास्तव में एक उद्विकासवादी (Evolutionary) ढाँचे पर आधारित है। कॉम्ट के अनुसार:

1. सभी विज्ञान “सरल → जटिल” की दिशा में विकसित होते हैं

उनके अनुसार विज्ञानों के विकास क्रम में:

  • पहले सरल और सामान्य विज्ञान विकसित हुए (जैसे गणित, खगोलविज्ञान)
  • फिर धीरे-धीरे अधिक जटिल और विशेषीकृत विज्ञान (जैसे जीवविज्ञान, समाजशास्त्र)

यह क्रम एक प्रकार का विकास-क्रम (evolutionary sequence) है।

2. कॉम्ट ने ज्ञान के इतिहास को विकास की प्रक्रिया माना

कॉम्ट का मानना था कि मानव ज्ञान तीन अवस्थाओं (थियोलॉजिकल → मेटाफिजिकल → पॉजिटिव) से गुजरता है।
यह भी एक निरंतर विकास की अवधारणा है।

इस प्रकार मानव ज्ञान और विज्ञान दोनों एवोल्यूशनरी प्रोग्रेस का अनुसरण करते हैं।

3. विज्ञानों का क्रमिक और सतत विकास — Evolution का सिद्धांत

कॉम्ट ने स्पष्ट रूप से माना कि:

  • विज्ञान अस्त-व्यस्त तरीके से नहीं उभरते
  • वे एक संगठित, क्रमबद्ध और प्रगतिशील विकास के तहत उत्पन्न होते हैं

यह अवधारणा विकासवाद (Evolutionism) की ही मूल भावना है।

4. कॉम्ट का “सामाजिक स्टैटिक्स + सामाजिक डायनेमिक्स” भी विकासवादी है

कॉम्ट के अनुसार:

  • Social Statics = समाज का संरचनात्मक क्रम
  • Social Dynamics = समाज का विकासात्मक क्रम

उनका सामाजिक डायनेमिक्स पूरी तरह विकास के नियमों पर आधारित है।


कॉम्ट का विज्ञान-वर्गीकरण (Hierarchy of Sciences) एक Evolutionary Theory है क्योंकि:

  • यह सरल → जटिल विकास के क्रम को मानता है
  • यह सतत और क्रमबद्ध प्रगति को दर्शाता है
  • यह ज्ञान और समाज के नियमित विकास पर आधारित है

12. कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान की मुख्य आलोचना क्या रही है?

(a) यह वैज्ञानिक आधार पर नहीं है
(b) इसमें विज्ञानों की परस्पर निर्भरता को नकारा गया है
(c) इसमें समाजशास्त्र को अनुचित रूप से उच्च स्थान दिया गया है
(d) यह मानसिक विकास पर आधारित होने के कारण आदर्शवादी है

उत्तर: (d) यह मानसिक विकास पर आधारित होने के कारण आदर्शवादी है

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने Hierarchy of Sciences को इस विचार पर आधारित किया कि मानव बुद्धि (human mind) सरल से जटिल रूप में विकसित होती है।
उसी मानसिक विकासक्रम (mental evolution) को उन्होंने विज्ञानों के विकास से जोड़ दिया।

इसी पर समाजशास्त्रियों ने मुख्य आलोचना की:

1. आलोचकों ने कहा— यह “Mentalist” और “Idealistic” मॉडल है

कॉम्ट का वर्गीकरण दो धारणाओं पर खड़ा है:

  1. मानव बुद्धि का क्रमिक विकास
  2. विज्ञानों का उसी क्रम का अनुसरण करना

यह विज्ञानों के वास्तविक ऐतिहासिक, सामाजिक और तकनीकी विकास को नहीं दर्शाता, बल्कि मानसिक विकास की एक आदर्शवादी कल्पना पर आधारित है।

इसलिए इसे Idealistic (आदर्शवादी) कहा गया है।

2. वैज्ञानिक अनुभववाद (Empiricism) का अभाव

जैसे आलोचकों—

  • Jonathan Turner,
  • Lewis A. Coser,
  • Raymond Aron

ने कहा कि:

कॉम्ट का सोपान अनुभवजन्य अवलोकनों (empirical observations) पर आधारित नहीं है,
बल्कि ज्ञान के मनोवैज्ञानिक विकास की “मानसिक योजना” है।

3. विज्ञानों का विकास ऐतिहासिक रूप से कॉम्ट के क्रम का पालन नहीं करता

उदाहरण:

  • जीवविज्ञान (Biology) का व्यवस्थित विकास कई जगह रसायन विज्ञान (Chemistry) से पहले विकसित हुआ।
  • समाजशास्त्र (Sociology) एक स्वतंत्र अनुशासन के रूप में 19वीं सदी में ही बना, लेकिन इसका विश्लेषण इससे हजारों साल पुराना है।

इसलिए विज्ञानों का वास्तविक विकास कॉम्ट की “मानसिक-तर्क आधारित सीढ़ी” के अनुसार नहीं हुआ।

4. समाजशास्त्र को शीर्ष पर रखना — भी एक आदर्शवादी पूर्वधारणा

कई विद्वानों ने कहा कि कॉम्ट ने:

“Queen of the Sciences”

कहकर समाजशास्त्र को सर्वोच्च स्थान पूर्वाग्रह,
और मानसिक-तर्क आधारित आदर्शवाद के कारण दिया।


इसलिए आलोचना यह है कि यह वर्गीकरण:

  • वैज्ञानिक-इम्पिरिकल नहीं
  • मानसिक-दार्शनिक
  • Idealistic Model है।

कॉम्ट के विज्ञानों का सोपान
वास्तविक अवलोकन से अधिक
मनुष्य की “मानसिक विकास यात्रा” पर आधारित है।

इसीलिए इसकी मुख्य आलोचना यह है कि यह आदर्शवादी (Idealistic) और मानसिक-आधारित (Mentalist) है।

13. कॉम्ट ने किस प्रकार समाजशास्त्र को “विज्ञानों की रानी” (Queen of Sciences) कहा?

(a) क्योंकि यह सभी विज्ञानों को नियंत्रित करता है
(b) क्योंकि यह सबसे जटिल और उच्चतम विज्ञान है
(c) क्योंकि यह केवल नैतिकता का अध्ययन करता है
(d) क्योंकि यह सभी धर्मों की उत्पत्ति को बताता है

उत्तर: (b) क्योंकि यह सबसे जटिल और उच्चतम विज्ञान है

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों का सोपान (Hierarchy of Sciences) तैयार करते समय समाजशास्त्र को सर्वोच्च (highest) और सबसे जटिल (most complex) विज्ञान माना।
इसी आधार पर उन्होंने इसे “Queen of Sciences” कहा।

कॉम्ट ने विज्ञानों का क्रम इस प्रकार दिया:

  1. गणित (Mathematics) – सबसे सरल, सबसे सामान्य
  2. खगोलशास्त्र (Astronomy)
  3. भौतिकी (Physics)
  4. रसायनशास्त्र (Chemistry)
  5. जीवविज्ञान (Biology)
  6. समाजशास्त्र (Sociology) – सबसे जटिल, सबसे उच्च

कॉम्ट ने समाजशास्त्र को “विज्ञानों की रानी” क्यों कहा?

1. समाजशास्त्र सभी पूर्ववर्ती विज्ञानों के ज्ञान को उपयोग करता है

यह रसायन, जीव विज्ञान, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति आदि के ज्ञान को एकीकृत कर समाज को समझता है।
इसलिए यह सबसे व्यापक (comprehensive) विज्ञान है।

2. समाज सबसे जटिल (most complex) प्रणाली है

  • समाज में भौतिक तत्व + जैविक तत्व + मानसिक तत्व + सांस्कृतिक तत्व
    सभी एक साथ मौजूद होते हैं।
    इसलिए समाज का अध्ययन सबसे सूक्ष्म और कठिन है।

कॉम्ट ने लिखा:
“Social phenomena are the most complex of all phenomena.”

3. समाजशास्त्र मानव विकास का अंतिम चरण दर्शाता है

कॉम्ट ने कहा कि जैसे-जैसे मानव सोच थीओलॉजिकल → मेटाफिज़िकल → पॉज़िटिव अवस्था तक पहुँचती है,
वैसे ही समाजशास्त्र विज्ञानों का अंतिम और सर्वोच्च रूप बनता है।

4. समाजशास्त्र अन्य विज्ञानों को ‘सामाजिक दिशा’ प्रदान करता है

कॉम्ट का मानना था कि:

विज्ञानों की वास्तविक उपयोगिता समाज को व्यवस्थित और प्रगतिशील बनाना है।
समाजशास्त्र इस उपयोगिता को दिशा देता है।

इसीलिए यह “guiding science” भी है।

कॉम्ट ने समाजशास्त्र को
सबसे जटिल, सबसे व्यापक और समस्त विज्ञानों की उपलब्धियों का समन्वय करने वाला विज्ञान
बताया।
इसीलिए उन्होंने इसे “Queen of Sciences” कहा।

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14. कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान में जैसे-जैसे हम ऊपर बढ़ते हैं —

(a) घटनाएँ अधिक सामान्य होती जाती हैं
(b) घटनाएँ कम जटिल होती जाती हैं
(c) घटनाएँ अधिक जटिल और कम सामान्य होती जाती हैं
(d) घटनाएँ अधिक दार्शनिक हो जाती हैं

उत्तर: (c) घटनाएँ अधिक जटिल और कम सामान्य होती जाती हैं

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने अपनी कृति Cours de philosophie positive (1830–1842) में विज्ञानों का एक क्रम (Hierarchy of the Sciences) प्रस्तावित किया।
इस क्रम का मूल सिद्धांत यह था कि:

जैसे-जैसे हम विज्ञानों के सोपान में ऊपर बढ़ते हैं, वैज्ञानिक घटनाएँ —

  • कम सामान्य (Less General)
  • अधिक जटिल (More Complex)
    होती जाती हैं।

1. निचले विज्ञान (जैसे गणित, खगोलशास्त्र) — सामान्य और सरल नियमों से चलते हैं

उदाहरण:

  • गणित के नियम सार्वभौमिक (Universal) हैं—हर जगह लागू होते हैं।
  • खगोल विज्ञान में भी नियम स्पष्ट और पूर्वानुमेय होते हैं।

इनकी सामान्यता (Generality) बहुत अधिक है।

2. ऊपर के विज्ञान (जैसे जीवविज्ञान, समाजशास्त्र) — अधिक जटिल घटनाओं का अध्ययन करते हैं

  • जीवविज्ञान में परिवर्तनशीलता, विविधता, जैविक भिन्नताएँ
  • समाजशास्त्र में मान्यताएँ, संस्कृति, मूल्य, संघर्ष, संरचनाएँ, संस्थाएँ

ये सभी घटनाएँ अधिक जटिल और कम सामान्य होती हैं।
इसीलिए कॉम्ट ने समाजशास्त्र को इस क्रम के शीर्ष पर रखा।

कॉम्ट स्वयं लिखते हैं:

“General laws become less and less general, and phenomena more and more complex as we move upward in the scale of the sciences.”

“विज्ञानों की श्रेणी में ऊपर बढ़ते हुए सामान्य नियम कम होते जाते हैं और घटनाएँ अधिक जटिल होती जाती हैं।”

विज्ञानों का विकास सरल → जटिल की दिशा में होता है।
इसीलिए, सोपान में ऊपर बढ़ने पर घटनाएँ
अधिक जटिल
कम सामान्य
हो जाती हैं।

15. कॉम्ट द्वारा प्रतिपादित सोपान का एक प्रमुख समाजशास्त्रीय निहितार्थ क्या है?

(a) समाजशास्त्र को प्राकृतिक विज्ञानों के समान दर्जा देना
(b) समाज को धार्मिक दृष्टिकोण से समझना
(c) मनोविज्ञान को समाजशास्त्र का आधार बताना
(d) सामाजिक परिवर्तनों को मिथकीय कथाओं से जोड़ना

उत्तर: (a) समाजशास्त्र को प्राकृतिक विज्ञानों के समान दर्जा देना

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट ने विज्ञानों का जो सोपान (Hierarchy of Sciences) प्रस्तावित किया — Mathematics → Astronomy → Physics → Chemistry → Biology → Sociology — वह केवल एक सूची नहीं था, बल्कि एक दार्शनिक तर्क था कि समाजशास्त्र भी उतना ही वैज्ञानिक हो सकता है जितना अन्य प्राकृतिक विज्ञान।

कॉम्ट के अनुसार—

1. समाज भी “नियमों” (Laws) के आधार पर चलता है

जैसे भौतिक विश्व के अपने प्राकृतिक नियम हैं, वैसे ही समाज के भी “सामाजिक नियम” हैं जिन्हें वैज्ञानिक तरीके से खोजा जा सकता है। यह सोच समाजशास्त्र को प्राकृतिक विज्ञानों की कोटि में ले आती है।

2. समाजशास्त्र सबसे जटिल और उच्चतम विज्ञान है

क्योंकि यह मानव व्यवहार, संबंधों, संस्थाओं, और सामाजिक संरचना की जटिलताओं का अध्ययन करता है, इसलिए यह सभी विज्ञानों का संक्षेपण है।
इसीलिए कॉम्ट इसे “Queen of Sciences” भी कहते हैं।

3. प्रत्यक्षवाद (Positivism) पर आधारित पद्धति

कॉम्ट का मानना था कि समाज को समझने के लिए —

  • Observation
  • Experimentation (Indirect)
  • Comparison
  • Historical Method

जैसी वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग होना चाहिए। इस दावे के कारण समाजशास्त्र एक एंपिरिकल (Empirical) विज्ञान के रूप में उभरा।

4. मिथकीय, दार्शनिक और धार्मिक ढांचे का त्याग

कॉम्ट ने अध्ययन को धार्मिक–दार्शनिक व्याख्याओं से हटाकर वस्तुनिष्ठ (objective) और वैज्ञानिक (scientific) व्याख्याओं की ओर मोड़ा।
इस बदलाव का सीधा अर्थ था कि समाजशास्त्र अन्य विज्ञानों की तरह तर्क और प्रमाण पर आधारित अध्ययन बन सकता है।

5. इससे समाजशास्त्र की ‘स्वतंत्रता’ स्थापित हुई

पहली बार किसी ने कहा कि समाजशास्त्र सिर्फ दार्शनिक नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र, वैज्ञानिक अनुशासन है।
यह समाजशास्त्र के जन्म की मूल आधारशिला बन गया।

कॉम्ट के सोपान का सबसे महत्वपूर्ण निहितार्थ यह है कि समाजशास्त्र को भी उसी तरह वैज्ञानिक, व्यवस्थित और नियम-संचालित अनुशासन माना जाए जैसे प्राकृतिक विज्ञानों को। यह विचार समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र वैज्ञानिक विषय के रूप में स्थापित करने की दिशा में पहला और निर्णायक कदम था।

16. कॉम्ट के विज्ञानों के सोपान में निहित प्रत्यक्षवाद का मूल उद्देश्य क्या था?

(a) समाजशास्त्र को नैतिक धर्मशास्त्र से जोड़ना
(b) समाजशास्त्र को वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित करना
(c) सामाजिक व्यवस्था को धार्मिक नियंत्रण में रखना
(d) समाजशास्त्र को मानविकी का अंग बनाना

उत्तर: (b) समाजशास्त्र को वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित करना

व्याख्या:

अगस्ट कॉम्ट का प्रत्यक्षवाद (Positivism) उनके पूरे समाजशास्त्र का केन्द्रीय सिद्धांत है।
विज्ञानों के सोपान (Hierarchy of Sciences) का उद्देश्य केवल विज्ञानों का क्रम बताना नहीं था, बल्कि एक दार्शनिक संदेश देना था —

कि सभी विज्ञानों की अंतिम कड़ी समाजशास्त्र है, और समाजशास्त्र को भी वही वैज्ञानिक विधियाँ अपनानी चाहिए जो प्राकृतिक विज्ञान अपनाते हैं।

कॉम्ट का मूल उद्देश्य था:

1. समाजशास्त्र को “वैज्ञानिक अनुशासन” बनाना

कॉम्ट स्पष्ट करते हैं कि जैसे भौतिक विज्ञान प्रकृति की घटनाओं का अध्ययन कारण–परिणाम संबंधों के आधार पर करता है,
वैसे ही समाजशास्त्र भी —

  • Objective observation
  • Classification
  • Comparison
  • Historical method

के आधार पर सामाजिक नियमों की खोज कर सकता है।
यह समाज को mythical, theological या metaphysical व्याख्या से अलग करता है।

2. धर्मशास्त्रीय और दार्शनिक व्याख्याओं का त्याग

सोपान दर्शाता है कि जैसे-जैसे विज्ञान ऊपर बढ़ते हैं, वे अलौकिक → दार्शनिक → वैज्ञानिक व्याख्या की ओर आते हैं।
यही प्रत्यक्षवाद का मूल सार है —
“केवल वही ज्ञान मान्य है जो अवलोकनीय और सत्यापन योग्य हो।”

3. सामाजिक नियमों (Social Laws) की खोज

कॉम्ट का मानना था कि समाज भी उसी प्रकार नियमबद्ध (law-governed) है जैसे प्रकृति।
प्रत्यक्षवाद का उद्देश्य यही था कि समाज के इन नियमों को वैज्ञानिक तरीकों से खोजकर समाज की व्याख्या अधिक सटीक बनाई जाए।

4. समाजशास्त्र की स्वतंत्र पहचान स्थापित करना

प्रत्यक्षवाद का लक्ष्य समाजशास्त्र को

  • कल्पनाशील,
  • धार्मिक,
  • दार्शनिक

व्याख्याओं से मुक्त करके एक स्वतंत्र विज्ञान बनाना था, जो प्राकृतिक विज्ञानों जितना ही तर्कसंगत और प्रमाण-आधारित हो।

5. मानव समाज के सुधार के लिए विज्ञान का उपयोग

कॉम्ट का मानना था:
“Knowledge must be scientific so that it can guide social reconstruction.”
(“ज्ञान वैज्ञानिक होना चाहिए ताकि यह समाज को सुधारने में उपयोगी हो।”)

उनका लक्ष्य ‘Scientific Sociology’ बनाना था — यही प्रत्यक्षवाद का केंद्रीय उद्देश्य है।

कॉम्ट के सोपान में प्रत्यक्षवाद का मूल उद्देश्य समाजशास्त्र को वैज्ञानिक आधार, अनुभवजन्य विधि और तर्कसंगत अध्ययन प्रदान करना था।


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